पितृ पक्ष: ऐसे करें घर में तर्पण,बरसेगा पितरों का आशीर्वाद

डीएन ब्यूरो

भाग-दौड़ भरे इस जीवन में हम अपने पूर्वजों को भूलते जा रहे है। पितृ पक्ष उन्हें याद करने का एक खास समय है।इन दिनों तर्पण करने का खास विधान है।पर समय का अभाव होने के कारण लोग तर्पण कर नही पाते । इसलिए डाइनामाईट न्युज लेकर आया है, वैसी जानकारी जिससे आप घर पर ही कर सकेंगें तर्पण बहुत कम समय में। आइये जानते है, क्या है पुरी जानकारी।

फाइल फोटो
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पितृ पक्ष- हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का बड़ा ही महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में पूर्वजों के लिए कि गई पूजा उपासना से उनकी आत्मा को शांति मिलती है।साथ ही इस महीने में तर्पण करने का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि तर्पण करने से भी पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

पर कई लोग ऐसे है जिनको तर्पण करने की विधि की जानकारी नही होती या जानकारी होती भी है तो उनके पास उसे करने का समय नही होता।ऐसे ही लोगों के लिए हम लेकर आये है तर्पण करने की ऐसी जानकारी जिससे तर्पण करना और भी हो जायेगा आसान,और पूर्वज भी देंगें आशीर्वाद।

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इस महीने में तर्पण करने का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि तर्पण करने से भी पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

1) तर्पण हम अपने घर पर भी कर सकते हैं। स्नान आदि करके सबसे पहले हाथ जोड़कर मन ही मन भगवान गणेश का ध्यान करें और अपने दोनों हाथों में जितना भी जल आ जाये लेकर अर्ध्य दे।साथ ही साथ अपने पूर्वजों को याद कर उसे स्वीकारे जाने की प्रार्थना करें।

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2) जिन परिजनों कि तिथि जिस दिन पड़ेगी उस तिथि को फिर यही क्रिया करें ।और जिनके लिए तर्पण कर रहे है उनका नाम लेते हुए कहें मैं अपने (परिजन का नाम) की तृप्ति के लिए यह तिल सहित जल अर्पण करता हूँ/करती हूँ।
तस्मै स्वधा नम:। यह कहकर जल नीचे रखें किसी पात्र में छोड़ दे।

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3)तर्पण मात्र किसी अपने परिजन के लिए ही नही किया जाता ब्लकि किसी जन्म के बंधु-बांधव हैं, वे सभी मेरे इस अर्पण किए गये तर्पण से पूरी तरह तृप्त हों।”इस भावना को जितना हो सके उतना प्रगाढ़ करे। इसका बहुत महत्व बताया गया है।

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4) उपरोक्त विधि से किया गया तर्पण बहुत प्रभावशाली होता है। और बहुत पुण्य की प्राप्ति होती है। इन सब विधियों को करने के बाद ब्राह्मण या किसी भूखे को भोजन कराएं उसके बाद किसी गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं, इसके बाद ही परिवार के सभी सदस्य भोजन करें। यम स्त्रोत्र और पितृ स्त्रोत्र वैसे तो थोड़ा कठिन स्त्रोत्र माने जाते है।पर पितृ पक्ष में इसका पाठ़ करने का बहुत माहात्मय बताया गया है।

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