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पितृ पक्ष : पितरों को याद करने का महीना माना जाता है ।उनकी आत्मा की संतुष्टि के लिए पूजा-पाठ,कर्मकाण्ड,तर्पण किया जाता है। पितृ पक्ष में घर के पितरों के लिए उपाय किए जाते हैं। कुछ लोगों की कुंडली में पितृदोष का योग बनता है। अगर लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, तो उन्हें संतान से जुड़ी परेशानियां बनी रहती हैं। इसके अलावा घर में पैसों की तंगी और बीमारियां भी बनी रहती हैं। ज्योतिष में पितृ दोष से बचने के कई उपाय भी बताए गए हैं।कई प्रकार के मंत्र और स्त्रोत्र इसके लिए उपयोग में लाए जाते है।
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पर आज के इस भागदौड़ की जिंदगी में इतना समय किसी के पास नही है कि वो इन मंत्रो और स्त्रोतों का पाठ करे।इसलिए हम लेकर आये है छोटे-छोटे मंत्र जो है तो छोटे मगर है बहुत प्रभावशाली.और जिन्हें कम समय में बिना किसी कर्मकाण्ड के किया जा सकता है।
1)अपने कुलदेवता का नाम लेकर 21 बार बोले
ॐ कुलदेवतायै नम: (21 बार) ।
2) ॐ कुलदैव्यै नम: (21 बार) ।
3)ॐ नागदेवतायै नम: (21 बार)
4)ॐ पितृ दैवतायै नम: (108 बार) ।
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इन मंत्रो से पितरों को प्रसन्न कर समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।फिर संकल्प ले लें तथा ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें, वस्त्रादि दें। यदि शक्ति सामर्थ्य हो तो गौ-भूमि दान दें। न हो तो भूमि गौ के लिए द्रव्य दें। इनका भी संकल्प होता है।इतना करने मात्र से आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलेगी और वो आपको आषिश देंगें।
Published : 18 September 2019, 6:25 PM IST
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