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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में मंगलवार को इंटरपोल की 90वीं महासभा का आयोजन हो रहा है। इस मौके पर इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग ले रहे हैं। भारत में 25 साल बाद इंटरपोल की जेनरल असेंबली बैठक हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करते हुए सभी सदस्य देशों से आतंकवाद जैसे खतरे से निपटने के लिए दुनिया को एक साथ आने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए रणनीति को और विकसित करने की ज़रूरत है। भ्रष्टाचार समाज के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है। भ्रष्टाचार भी टेरर फंडिंग का एक जरिया है, जो आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होने कहा कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए चुनौती है और इसके खात्मे के लिये सभी देशों को एक साथ आना चाहिये।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक समुदाय को सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त करने की ज़रूरत है। आतंकवादियों, भ्रष्टाचारियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के शुरुआत में कहा कि यह समय भारत और इंटरपोल दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत 2022 में आजादी के 75 साल मना रहा है। यह हमारी संस्कृति, लोगों और उपलब्धियों का उत्सव है। इंटरपोल एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के करीब पहुंच रहा है। 2023 में यह अपने 100 साल पूरे करेगा। यह दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए सार्वभौमिक सहयोग का आह्वान है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब खतरे ग्लोबल हों तो प्रतिक्रिया लोकल नहीं हो सकती। आतंकवाद, ड्रग कार्टेल, अवैध शिकार करने वाले गिरोहों या संगठित अपराधों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में शीर्ष भूमिका निभाने वालों में से एक है।
इंटरपोल की 90वीं महासभा में इंटरपोल के अध्यक्ष नासेर अल रईसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया।
इंटरपोल देशों के प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
Published : 18 October 2022, 3:25 PM IST
Topics : 90वीं इंटरपोल नई दिल्ली नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री महासभा
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