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कानपुर के उर्सला अस्पताल में व्याप्त धांधली को लेकर सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
कानपुर: अस्पतालों में नई-नई स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बंधित योजनाओं की घोषणा सरकार आये दिन करती रहती है। सरकार की कवायद के उलट शहर में कुछ ऐसे भी सरकारी अस्पताल हैं जहां पर्याप्त सुविधाएं होने के बावजूद भी अस्पताल के कर्मचारी मरीज़ों से कमीशन कमाने जुटे हुए हैं। गुरूवार को उर्सला अस्पताल के बाहर सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष के नेतृत्व में अस्पतालों में व्याप्त धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि इस अस्पताल के मरीज़ और तीमारदार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। डॉक्टर वे दवाईयां लिख रहे हैं, जिन दवाईयों की मरीज़ों को ज़रूरत भी नही है। डॉक्टर केवल अपने कमीशन के लिए महंगी महंगी दवाइयां लिख देते है।
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वहीं जांच के लिए अस्पतालों में एमआरआई, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे मशीनें मौजूद होने के बावजूद भी तीमारदारों व मरीज़ों को यह कह कर बाहर भेज दिया जाता था कि यहां मशीनें खराब हैं, टेस्ट बाहर से करवा लें। ऐसा करने से वहां के डॉक्टर को कमीशन मिलता है।
Published : 31 August 2017, 5:11 PM IST
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