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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि विधायकों को अयोग्य करार देने की अर्जी पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नर्वेकर द्वारा उनके गुट को ‘वास्तविक’ शिवसेना करार दिए जाने का फैसला संविधान और लोकतंत्र की जीत है।
वहीं, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि शिंदे के नेतृत्व में राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 2022 के मामले में दिए गए बहुप्रतीक्षित फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि किसी पार्टी के अध्यक्ष की व्यक्तिगत राय पूरे संगठन का रुख नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि इस आदेश ने संदेश दिया है कि कोई पार्टी ‘निजी लिमिटेड संपत्ति’ नहीं है और यह निरंकुशता और वंशवाद की राजनीति के खिलाफ है।
शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में संख्याबल महत्वपूर्ण होता है और उनके नेतृत्व वाली शिवसेना प्रतिद्वंद्वी एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट से इस मामले में कहीं आगे है। उन्होंने रेखांकित किया कि यहां तक निर्वाचन आयोग ने भी उनकी पार्टी को शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया है।
शिंदे ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का फैसला उन लोगों की जीत है जिन्होंने शिवसेना- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के पक्ष में मतदान किया था और यह उन शिवसैनिकों की भी जीत है जो पार्टी संस्थापक बाल ठाकरे के आदर्शों का अनुपालन करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह संविधान और लोकतंत्र की भी जीत है।’’
अपने प्रतिद्वंद्वी और पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फैसला उन लोगों के लिए एक सबक है जो आदर्शों को कुचलते हैं और अप्राकृतिक गठबंधन का सहारा लेते हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘मैं दोहराता हूं कि यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।’’
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
उन्होंने फैसले के बाद शिंदे और मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों को बधाई दी।
फडणवीस ने कहा कि 2022 में भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सभी संवैधानिक और कानूनी मानदंडों का पालन करते हुए सरकार बनाई और यही कारण है कि सरकार मजबूत और स्थिर है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कुछ लोग गलत जानकारी प्रसारित कर रहे हैं और राज्य की राजनीतिक स्थिरता को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
Published : 11 January 2024, 11:26 AM IST
Topics : Constitution Decision democracy maharashtra Shiv Sena फैसला महाराष्ट्र लोकतंत्र शिवसेना संविधान