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रायपुर: छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में निवनिर्वाचित 90 विधायकों में से 72 करोड़पति हैं, जबकि पिछली विधानसभा में ऐसे विधायकों की संख्या 68 थी।
छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 54 सीट जीतकर सरकार बना रही है। राज्य में 2018 में 68 सीट जीतने वाली कांग्रेस 35 सीट पर सिमट गई है तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) पहली बार एक सीट पर जीत हासिल कर पाई है।
गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) और ‘छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच’ ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि राज्य की छठवीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में चुने गए 72 (80 प्रतिशत) विधायक करोड़पति हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि भाजपा के 54 विधायकों में से 43 (80 फीसदी) करोड़पति हैं। इन विधायकों ने चुनावी हलफनामा दायर करने के दौरान अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक घोषित की थी। वहीं 35 सीट जीतने वाली कांग्रेस में ऐसे विधायकों की संख्या 29 (83 फीसदी) है।
रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में विजेता उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 5.25 करोड़ रुपए है। 2018 में विधायकों की औसत संपत्ति 11.63 करोड़ रुपए थी।
पहली बार विधायक चुनी गई भाजपा की भवन बोहरा (पंडरिया सीट) 33.86 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ करोड़पति विधायकों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं, इसके बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल (पाटन) 33.38 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
भाजपा के अमर अग्रवाल (बिलासपुर) 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
रिपोर्ट में सबसे कम संपत्ति वाले तीन विधायक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के विधायक रामकुमार यादव (चंद्रपुर) की संपत्ति 10 लाख रुपये, भाजपा के रामकुमार टोप्पो (सीतापुर) की संपत्ति 13.12 लाख रुपये तथा पार्टी सांसद गोमती साय (पत्थलगांव) की संपत्ति 15.47 लाख रुपये है।
चंद्रपुर सीट से लगातार दूसरी बार चुने गए यादव के पास सभी 90 विधायकों में सबसे कम संपत्ति है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 90 विधायकों में से 33 (37 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पांचवीं पास और 12वीं पास के बीच घोषित की है तथा 54 (60 प्रतिशत) के पास स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता है। जीतने वाले दो उम्मीदवार ऐसे हैं जो डिप्लोमा धारक हैं जबकि एक विधायक ने खुद को सिर्फ साक्षर बताया है।
इसके अलावा 44 (49 प्रतिशत) विधायकों ने अपनी उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच घोषित की है तथा 46 (51 प्रतिशत) ने 51 से 80 वर्ष के बीच बताई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अहिवारा (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) सीट से निर्वाचित भाजपा के डोमनलाल कोर्सेवाड़ा (75) विधानसभा में सबसे उम्रदराज विधायक हैं तथा बिलाईगढ़ (अनुसूचित जाति) सीट से निर्वाचित कांग्रेस की कविता प्राण लहरे (30) सबसे कम उम्र की विधायक हैं
Published : 6 December 2023, 5:56 PM IST
Topics : 72 Crorepati 72 करोड़पति 90 MLA 90 विधायकों Assembly Election Chhattisgarh छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव