ICC का बड़ा एक्शन: अमेरिका के क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर 8 साल का प्रतिबंध, जानिए पूरा मामला

आईसीसी ने अमेरिका के क्रिकेटर बोदुगुम अखिलेश रेड्डी पर भ्रष्टाचार रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में 8 साल का प्रतिबंध लगाया है। उन पर अबूधाबी T10 लीग 2025 के दौरान मैच को प्रभावित करने की कोशिश, साथी खिलाड़ी को उकसाने और जांच से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप साबित हुआ।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 3 August 2026, 5:13 PM IST
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New Delhi: क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका के क्रिकेटर बोदुगुम अखिलेश रेड्डी को भ्रष्टाचार रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद आठ साल के लिए सभी प्रकार के क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया है। आरोप सिर्फ मैच को प्रभावित करने की कोशिश तक सीमित नहीं थे, बल्कि जांच से जुड़े अहम सबूत मिटाने की बात भी सामने आई। आईसीसी की जांच में दोष साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।

कौन हैं अखिलेश रेड्डी?

26 वर्षीय बोदुगुम अखिलेश रेड्डी अमेरिका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने केमैन आइलैंड्स के खिलाफ नॉर्थ अमेरिका टी20 कप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। रेड्डी ने अमेरिका के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम एक विकेट दर्ज है। हालांकि अब उनका क्रिकेट करियर लंबे समय के लिए संकट में पड़ गया है।

ICC ने क्यों लगाया 8 साल का बैन?

आईसीसी के अनुसार, अखिलेश रेड्डी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित 2025 अबूधाबी टी10 लीग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया है। इस टूर्नामेंट के लिए अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ECB) की ओर से आईसीसी को भ्रष्टाचार रोधी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच के बाद रेड्डी पर आईसीसी के एंटी-करप्शन कोड की तीन धाराओं के उल्लंघन का आरोप साबित हुआ।

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मैच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप

जांच में सामने आया कि रेड्डी ने टूर्नामेंट के दौरान एक साथी खिलाड़ी से संपर्क कर मैच के दौरान जानबूझकर अतिरिक्त रन देने का प्रस्ताव रखा था। न्यायाधिकरण के मुताबिक, यह प्रयास मैच के परिणाम या उसकी प्रगति को अनुचित तरीके से प्रभावित करने की श्रेणी में आता है। जिस खिलाड़ी से संपर्क किया गया था, उसने प्रस्ताव ठुकरा दिया और इसकी जानकारी तुरंत आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) को दे दी।

साथी खिलाड़ी को उकसाने का भी दोषी

आईसीसी ने पाया कि रेड्डी ने केवल प्रस्ताव ही नहीं दिया, बल्कि दूसरे खिलाड़ी को भी भ्रष्टाचार रोधी नियमों का उल्लंघन करने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की। एंटी-करप्शन कोड के तहत यह भी गंभीर अपराध माना जाता है और इसी आधार पर उनके खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई दर्ज की गई।

व्हाट्सएप चैट और कॉल लॉग डिलीट किए

मामले का सबसे अहम पहलू जांच के दौरान सामने आया। रेड्डी ने स्वीकार किया कि उन्होंने 19 नवंबर 2025 की सुबह अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप संदेश और कॉल लॉग हटा दिए थे। उन्होंने अपनी सफाई में इसे सामान्य "डेटा हाइजीन" यानी फोन साफ करने की प्रक्रिया बताया, लेकिन न्यायाधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

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होटल के कमरे से शुरू हुई थी पूरी कहानी

आईसीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पूरा घटनाक्रम 19 नवंबर 2025 को अबूधाबी टी10 लीग के दौरान एक होटल में शुरू हुआ। यह घटना एस्पिन स्टैलियंस टीम के पहले मैच से ठीक पहले हुई थी। जांच में पाया गया कि रेड्डी ने टीम प्रबंधन के इशारे पर कथित तौर पर एक खिलाड़ी से संपर्क किया था। जब खिलाड़ी ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया और इसकी सूचना एसीयू को दी, तो बाद में उसे प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया।

कब से लागू होगा प्रतिबंध?

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि अखिलेश रेड्डी पर लगाया गया आठ साल का प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा। यानी जिस दिन उन्हें पहली बार अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था, उसी तारीख से उनकी सजा की अवधि गिनी जाएगी।

तीन सदस्यीय पैनल ने सुनाया फैसला

यह फैसला एक स्वतंत्र न्यायाधिकरण ने सुनाया। पैनल में माइकल जे बेलोफ केसी, जस्टिस केट ओरेगन और लॉयड मिहिसी शामिल थे। विस्तृत सुनवाई और उपलब्ध सबूतों की समीक्षा के बाद पैनल ने रेड्डी को भ्रष्टाचार रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी माना और उन पर आठ साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया।

Location :  New Delhi

Published :  3 August 2026, 5:13 PM IST

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