फॉर्म में आने के लिए 1-2 मैच का मौका नहीं मिलेगा, रोहित-कोहली को पूर्व क्रिकेटर की कड़क चेतावनी

टी-20 और टेस्ट से संन्यास के बाद अब रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ वनडे खेलते हैं। पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता ने चेतावनी दी है कि सिर्फ एक फॉर्मेट खेलने के कारण दोनों के पास लय हासिल करने का मौका कम होगा, पहली गेंद से रन बनाने होंगे।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 July 2026, 9:51 AM IST
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New Delhi: भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ रोहित शर्मा और विराट कोहली। दोनों ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और अब वे भारत के लिए केवल वनडे (ODI) फॉर्मेट में खेलते हैं। दोनों का मुख्य लक्ष्य आगामी वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है।

हालांकि, केवल एक ही फॉर्मेट में खेलने की वजह से उनके सामने एक बिल्कुल नई और कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने इस स्थिति पर दोनों दिग्गजों को एक अहम चेतावनी दी है।

लय में आने के लिए नहीं मिलेगा 1-2 मैचों का वक्त

दीप दासगुप्ता का मानना है कि केवल एक फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों के पास 'सेट होने' या फॉर्म ढूंढने का ज्यादा समय नहीं होता। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सपोर्ट स्टाफ और टीम प्रबंधन को रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से साफ बातचीत करनी चाहिए।

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उन्हें यह समझना होगा कि सीरीज के पहले ही मैच से बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। आप लय हासिल करने के लिए शुरुआती 1-2 मुकाबले खराब नहीं कर सकते, क्योंकि वनडे मुकाबले अब रुक-रुक कर होते हैं।

एक फॉर्मेट खेलने की बड़ी चुनौती

पूर्व क्रिकेटर ने एक बेहद दिलचस्प और नया पहलू उजागर किया। उन्होंने बताया कि जब कोई खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी-20) खेलता है, तो अगर वह एक फॉर्मेट में फ्लॉप भी हो जाए और दूसरे में रन बना दे, तो उसकी नाकामी छिप जाती है।

लेकिन जब आप सिर्फ वनडे खेलते हैं, तो महीनों बाद मैदान पर उतरते हैं। ऐसे में अगर आप लगातार दो-तीन पारियों में नाकाम रहते हैं, तो पूरी दुनिया में आपके भविष्य और टीम में जगह को लेकर सवाल उठने लगते हैं। यही वजह है कि रोहित और विराट पर दबाव काफी बढ़ गया है।

क्या टीम में जगह की गारंटी खत्म हो गई है?

रोहित और विराट के भविष्य पर उठते सवालों के बीच दीप दासगुप्ता ने यह भी कहा कि 3-4 साल पहले स्थिति अलग थी। तब उन्हें हर सीरीज से पहले यह बताने की जरूरत नहीं पड़ती थी कि वे खेलेंगे या नहीं, क्योंकि उनका प्रदर्शन ही उनकी जगह पक्की कर देता था। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था अब भी नहीं बदलनी चाहिए, लेकिन इसके लिए दोनों दिग्गजों को मैदान पर उतरते ही अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।

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सपोर्ट स्टाफ की बढ़ेगी जिम्मेदारी

दीप दासगुप्ता के अनुसार, ऐसे माहौल में टीम के कोच और सपोर्ट स्टाफ की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्हें खिलाड़ियों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए और ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए जहां रोहित और कोहली बिना किसी दबाव के अपनी स्वाभाविक लय में बल्लेबाजी कर सकें। वनडे वर्ल्ड कप के सफर में अब हर एक मैच इन दोनों दिग्गजों के लिए अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है।

Location :  New Delhi

Published :  28 July 2026, 9:51 AM IST

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