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फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Img: Dynamite News)
New Delhi: फुटबॉल की दुनिया में जब भी महान खिलाड़ियों का जिक्र होता है, तो क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। अपनी मेहनत, अनुशासन, फिटनेस और गोल करने की अद्भुत क्षमता के दम पर उन्होंने पिछले दो दशकों में फुटबॉल पर राज किया है। क्लब फुटबॉल से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक रोनाल्डो ने लगभग हर उपलब्धि हासिल की है, लेकिन एक सपना आज भी अधूरा है-फीफा विश्व कप ट्रॉफी।
अब 2026 फीफा विश्व कप में 41 वर्षीय रोनाल्डो एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। यह उनके करियर का छठा विश्व कप होगा और संभवतः आखिरी भी। ऐसे में पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह अपने शानदार करियर को विश्व कप जीतकर पूर्णता दे पाएंगे।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जन्म 5 फरवरी 1985 को पुर्तगाल के मदीरा द्वीप में हुआ था। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। उनके पिता जोस डिनिस एवेरो नगर निगम में माली थे और स्थानीय फुटबॉल क्लब में पार्ट-टाइम काम करते थे, जबकि उनकी मां मारिया डोलोरेस अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए कुक और क्लीनर का काम करती थीं। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे रोनाल्डो ने बचपन से ही फुटबॉल को अपना सपना बना लिया था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और यही संघर्ष आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
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रोनाल्डो ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत पुर्तगाल के क्लब स्पोर्टिंग सीपी से की। उनकी प्रतिभा ने जल्द ही दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 2003 में इंग्लैंड के दिग्गज क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। महान कोच सर एलेक्स फर्ग्यूसन के मार्गदर्शन में रोनाल्डो ने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में बदल दिया। मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेलते हुए उन्होंने प्रीमियर लीग, चैंपियंस लीग और अपना पहला बैलन डी'ओर जीता।
2003 से 2009 के बीच उन्होंने क्लब के लिए 292 मैच खेले और 118 गोल किए।
2009 में रोनाल्डो रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस के साथ स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड पहुंचे। यह उनके करियर का सबसे शानदार दौर माना जाता है। रियल मैड्रिड की जर्सी में उन्होंने गोलों की बारिश कर दी। 438 मैचों में 450 गोल दागकर वह क्लब के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। इस दौरान उन्होंने टीम को चार यूईएफए चैंपियंस लीग खिताब भी दिलाए। यही वह समय था जब रोनाल्डो और लियोनल मेसी के बीच दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली।
रियल मैड्रिड के बाद रोनाल्डो 2018 में इटली के जुवेंटस क्लब से जुड़े। वहां उन्होंने दो सीरी-ए खिताब जीते और 134 मैचों में 101 गोल किए। इसके बाद उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड में वापसी की और फिर सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र का हिस्सा बने। उम्र बढ़ने के बावजूद गोल करने की उनकी भूख कम नहीं हुई। हाल ही में उन्होंने सऊदी प्रो लीग में 100 गोल का आंकड़ा भी पार किया।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 2003 में पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने पुर्तगाल के लिए 226 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 143 गोल किए हैं, जो पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का विश्व रिकॉर्ड है। उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 का यूरो कप और 2019 की यूईएफए नेशंस लीग जीती। रोनाल्डो पांच बार बैलन डी'ओर जीत चुके हैं और उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है।
इतनी उपलब्धियों के बावजूद एक ट्रॉफी ऐसी है जो अब तक रोनाल्डो की पहुंच से दूर रही है-फीफा विश्व कप। पुर्तगाल 1966 में तीसरे और 2006 में चौथे स्थान तक पहुंचा था, लेकिन कभी चैंपियन नहीं बन पाया। 2022 विश्व कप में भी टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, जहां मोरक्को ने उसे बाहर कर दिया। रोनाल्डो के लिए यह हार बेहद निराशाजनक थी क्योंकि शायद वह जानते थे कि उनके करियर के मौके सीमित होते जा रहे हैं।
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हालांकि रोनाल्डो आज भी बेहतरीन फिटनेस के लिए जाने जाते हैं, लेकिन समय का असर उनके खेल में दिखाई देने लगा है। एक समय ऐसा था जब उनकी रफ्तार और फ्री-किक विरोधी टीमों के लिए खौफ का कारण होती थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। बड़े टूर्नामेंटों में फ्री-किक से गोल करने की उनकी क्षमता पहले जैसी प्रभावशाली नहीं रही।
नाइजीरिया के खिलाफ एक मैत्रीपूर्ण मुकाबले में उन्हें गोलकीपर के साथ आमने-सामने दो मौके मिले, लेकिन वह दोनों अवसरों को भुना नहीं सके।
2026 फीफा विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित किया जा रहा है। रोनाल्डो इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पुर्तगाल को अपेक्षाकृत आसान ग्रुप मिला है, जिसमें कोलंबिया, उज्बेकिस्तान और कांगो जैसी टीमें शामिल हैं। ऐसे में टीम के नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। अगर रोनाल्डो इस विश्व कप में गोल करने में सफल रहते हैं, तो वह कई आयु-संबंधी रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।
पांच बैलन डी'ओर, यूरो कप ट्रॉफी, नेशंस लीग खिताब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल, क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने लगभग हर उपलब्धि हासिल की है। लेकिन विश्व कप ट्रॉफी अब भी उनके करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना बनी हुई है। 2026 विश्व कप उनके जीवन का अंतिम विश्व कप माना जा रहा है। अगर वह पुर्तगाल को पहली बार विश्व विजेता बनाने में सफल रहते हैं, तो उनकी कहानी केवल महान खिलाड़ी की नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे पूर्ण और अमर खिलाड़ी की कहानी बन जाएगी।
Location : New Delhi
Published : 12 June 2026, 8:54 AM IST