Vastu Tips: बच्चों के कमरे की बेडशीट का रंग बदल सकता है उनका भविष्य, जानें मूड और पढ़ाई से जुड़ा यह खास वास्तु कनेक्शन

क्या आप जानते हैं कि बच्चों के बेडशीट का रंग उनके मूड, ऊर्जा और नींद को प्रभावित करता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों के कमरे में हमेशा हल्के रंगों की बेडशीट का इस्तेमाल करना चाहिए, जो उनके मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद है।

Post Published By: Rani Tibrewal
Updated : 11 June 2026, 12:57 PM IST
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New Delhi: हर माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, अच्छी नींद और उनके मानसिक विकास को लेकर हमेशा फिक्रमंद रहते हैं। इसके लिए वे उनके खान-पान से लेकर पढ़ाई-लिखाई तक हर चीज का खास ख्याल रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके बच्चे के बेडरूम में बिछी बेडशीट (चादर) का रंग भी उसके मूड, ऊर्जा और नींद को सीधे तौर पर प्रभावित करता है?

वास्तु शास्त्र में रंगों को ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत माना गया है। बच्चों के कमरे में इस्तेमाल होने वाले रंग ऐसे होने चाहिए जो उन्हें मानसिक रूप से शांत, सुरक्षित और खुशमिजाज महसूस करवाएं।

हल्के रंग बिखेरते हैं सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक विकास में मददगार

वास्तु के नियमों के अनुसार, बच्चों के पलंग पर हमेशा हल्के और सौम्य रंगों (Light Colors) की बेडशीट ही बिछानी चाहिए। बच्चों के कमरे के लिए लाइट ब्लू (हल्का नीला), लाइट ग्रीन (हल्का हरा), लाइट यलो (हल्का पीला) और लाइट पिंक (हल्का गुलाबी) रंगों को सबसे बेहतरीन माना गया है।

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ये रंग न केवल देखने में सुहावने लगते हैं, बल्कि बच्चों के दिमाग को शांत रखकर उनके मेंटल डेवलपमेंट (मानसिक विकास) को भी बूस्ट करते हैं। इन रंगों के प्रभाव से बच्चों में एकाग्रता बढ़ती है और उन्हें रात में गहरी व सुकून भरी नींद आती है।

 

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भूलकर भी न करें डार्क और चटक रंगों का इस्तेमाल

अक्सर लोग बच्चों के कमरे को अट्रैक्टिव बनाने के चक्कर में बहुत ज्यादा चटक या गहरे रंगों का इस्तेमाल कर देते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बिल्कुल गलत है। बच्चों के बेड पर डार्क रेड (गहरा लाल), ब्लैक (काला) या अत्यधिक गहरे और भड़कीले रंगों की चादर कभी नहीं बिछानी चाहिए। ये रंग कमरे में आक्रामक और भारी ऊर्जा पैदा करते हैं, जिससे बच्चों का स्वभाव चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो सकता है। इसके कारण उनकी नींद में भी खलल पड़ता है।

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कार्टून और प्रिंट चुनते समय रखें इस बात का ध्यान

बेडशीट के रंग के साथ-साथ उसके प्रिंट पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। बच्चों के लिए हमेशा ऐसे प्रिंट चुनें जो बहुत ही सामान्य, सौम्य और सकारात्मक हों। बेडशीट पर किसी भी तरह के डरावने जीव, हिंसक जानवर या अजीबोगरीब आकृतियों वाले प्रिंट नहीं होने चाहिए। ऐसे प्रिंट बच्चों के अवचेतन मन (Subconscious Mind) में अनजाना डर पैदा कर सकते हैं। इसकी जगह छोटे फूल-पत्ती या शांत प्रकृति से जुड़े प्रिंट बच्चों के मन को प्रसन्न और शांत रखते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  11 June 2026, 12:57 PM IST

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