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सावन में शिव पूजा (Img- Pinterest)
New Delhi: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर के मंदिरों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देने लगती है। शास्त्रों के अनुसार भगवान भोलेनाथ अत्यंत दयालु हैं और वे केवल एक लोटा जल और सच्चे मन से अर्पित किए गए बेलपत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन कई बार भक्त अनजाने में पूजा के दौरान कुछ ऐसी चीजें अर्पित कर देते हैं, जिन्हें शिव शास्त्रों में पूरी तरह वर्जित माना गया है।
धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु को प्रिय रहने वाली तुलसी को शिव पूजा में चढ़ाना मना है। इसके अलावा, शिवलिंग पर हल्दी और कुमकुम भी नहीं चढ़ाया जाता, क्योंकि ये सौभाग्य और गृहस्थ प्रसाधन की वस्तुएं हैं, जबकि शिव शंभू वैरागी हैं। इसी तरह, पौराणिक कथाओं के कारण केतकी और केवड़े के फूल भी शिव पूजन में पूरी तरह से वर्जित हैं।
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अगर आप शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, तो पात्र का विशेष ध्यान रखें। जल हमेशा तांबे या कांसे के पात्र से अर्पित करें, लोहे के बर्तन का उपयोग न करें। साथ ही, शंख से शिवलिंग पर जल कभी न चढ़ाएं, क्योंकि शंखचूड़ दैत्य का वध भगवान शिव ने ही किया था। इसके अलावा, पूजा में हमेशा अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) का ही उपयोग करें।
सावन में कई लोग शिवलिंग पर नारियल अर्पित करते हैं, जो सही है, लेकिन नारियल पानी से अभिषेक करना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजें 'निर्माल्य' हो जाती हैं जिन्हें ग्रहण नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही, दूध या जल अर्पित करते समय उसमें काले तिल मिलाने से बचें। सावन में भक्ति के साथ-साथ इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप महादेव का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 13 August 2026, 8:08 AM IST