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संतान की लंबी उम्र के लिए मां का सबसे कठिन इम्तिहान (Img: AI Image)
New Delhi: श्राद्ध पक्ष का नाम सुनते ही मन में पितरों की पूजा और तर्पण की तस्वीर आती है। लेकिन इसी दौरान एक ऐसा पर्व भी मनाया जाता है, जिसका रिश्ता मां और उसकी संतान से है। यह पर्व है जितिया, जिसे जिउतिया या जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करते हुए कठिन व्रत रखती हैं।
जितिया सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है; यह तीन दिन का त्योहार है। पहले दिन नहाय-खाय की परंपरा निभाई जाती है। महिलाएं स्नान और पूजा-पाठ के बाद भोजन करती हैं, जिसके बाद कठिन व्रत की तैयारियां शुरू होती हैं।
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दूसरा दिन त्योहार का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। कई इलाकों में इसे खुर-जितिया के नाम से जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की भलाई के लिए निर्जला व्रत यानी बिना पानी के व्रत रखती हैं; इस दौरान पानी की एक बूंद भी पीना मना होता है। इसीलिए इसे बहुत कठिन व्रत माना जाता है।
पूजा-पाठ और रस्मों के साथ-साथ जितिया से जुड़ी लोक कथाएं भी सुनाई जाती हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सियार और चील की कहानी सुनने की परंपरा है। इसके अलावा महिलाएं जिउतवाहन देवता की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिउतवाहन की पूजा और यह व्रत रखने का संबंध बच्चों की सुरक्षा और लंबी उम्र से है।
तीसरे दिन व्रत खोला जाता है। इसके बाद घरों में कई तरह के पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं। स्थानीय रीति-रिवाजों के आधार पर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में बनने वाले पकवान अलग-अलग हो सकते हैं। कई इलाकों में कढ़ी-चावल, नोनी साग और मरुआ (रागी) की रोटियां जैसे व्यंजन आम तौर पर बनाए जाते हैं।
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जितिया का त्योहार सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। नेपाल के तराई इलाके में रहने वाली थारू और मधेसी महिलाओं के लिए भी इसका खास महत्व है; यहां भी महिलाएं अपने बच्चों की भलाई के लिए व्रत रखती हैं। थारू समुदाय में इस मौके पर 'झम्टा' नाम का लोक नृत्य करने की परंपरा भी है। इस तरह जितिया सिर्फ एक धार्मिक व्रत नहीं है, बल्कि यह मां के प्यार, लोक-कथाओं और सदियों पुरानी क्षेत्रीय परंपराओं का एक अनोखा संगम है। श्राद्ध पक्ष के दौरान आने वाला यह त्योहार अपनी खास मान्यताओं और व्रत से जुड़े कड़े नियमों के कारण बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
Location : New Delhi
Published : 29 September 2026, 12:54 PM IST