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दुर्गा विसर्जन 2026 की तारीख को लेकर जानें खास बात (Img- Pinterest)
New Delhi: शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के बाद मां दुर्गा की विदाई का समय भक्तों के लिए बेहद भावुक होता है। पूजा पंडालों और घरों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी के दिन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा को अगले वर्ष फिर आने के निमंत्रण के साथ विदा किया जाता है।
इस बार दुर्गा विसर्जन के लिए 20 अक्टूबर 2026 की तारीख बताई गई है। खास बात यह है कि इस दिन रवि योग भी रहेगा और विसर्जन के लिए 2 घंटे 16 मिनट का शुभ समय निर्धारित है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर दशमी 21 अक्टूबर को मानी जा सकती है, लेकिन विजयादशमी के निर्धारण में श्रवण नक्षत्र का भी महत्व बताया गया है। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, श्रवण नक्षत्र 19 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से 20 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इसी आधार पर विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन 20 अक्टूबर को बताया गया है।
मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस तरह भक्तों को विसर्जन के लिए कुल 2 घंटे 16 मिनट का समय मिलेगा। जो लोग घर या पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करते हैं, वे इस समय के अनुसार अपनी तैयारियां कर सकते हैं। हालांकि, स्थानीय पंचांग और पूजा परंपराओं के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है।
दुर्गा विसर्जन के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। वहीं, सुबह स्नान और पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 44 मिनट से 5 बजकर 34 मिनट तक बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं में इन समयों को शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, इस बार दुर्गा विसर्जन के दिन रवि योग रहने की जानकारी दी गई है। धार्मिक मान्यता में रवि योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। भक्त इस अवसर पर मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं।
विसर्जन के दिन कई जगहों पर ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है। पूजा के बाद भक्त मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रतिमा विसर्जन स्थानीय प्रशासन के नियमों के अनुसार निर्धारित स्थान पर करना चाहिए।
Location : New Delhi
Published : 17 October 2026, 9:34 AM IST