हिंदी
धनतेरस से शुरू होगा दिवाली महापर्व (Source: Pinterest)
New Delhi: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में सफाई, खरीदारी और दीप सजाने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन इस बार दिवाली महापर्व के कैलेंडर में एक ऐसा संयोग बन रहा है, जो लोगों को उलझन में डाल सकता है। दरअसल, साल 2026 में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी और मुख्य दिवाली का पर्व एक ही दिन 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि धनतेरस कब है, छोटी दिवाली और लक्ष्मी पूजा किस दिन होगी और गोवर्धन पूजा से भाई दूज तक के त्योहारों की तारीख क्या है?
पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन लोग अपने घरों और दुकानों में दीपक भी जलाते हैं।
इस बार छोटी दिवाली और मुख्य दिवाली की तारीख को लेकर खास संयोग बन रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 8 नवंबर, रविवार को पड़ेगा। इसी दिन अमावस्या तिथि होने के कारण मुख्य दिवाली और लक्ष्मी पूजा भी की जाएगी। 7 नवंबर को हनुमान जयंती और 8 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई जाएगी। छोटी दिवाली पर घर के बाहर 5 या 7 दीपक जलाने की परंपरा है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया था। उन्होंने नरकासुर की कैद से 16 हजार कन्याओं और अन्य लोगों को मुक्त कराया था। वहीं, अमावस्या की रात भगवान श्रीराम के लंका पर विजय के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाने की परंपरा से भी दिवाली का पर्व जुड़ा है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यह पूजा होती है। साल 2026 में गोवर्धन पूजा 10 नवंबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों और पशुओं की रक्षा की थी। इस दिन गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर अन्नकूट का आयोजन भी होता है।
‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते’, सरदार पटेल जयंती पर CM योगी का बड़ा बयान
दिवाली महापर्व का समापन भाई दूज के त्योहार के साथ होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज मनाया जाता है। साल 2026 में यह पर्व 11 नवंबर, बुधवार को पड़ेगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने पहुंचे थे। यमुना ने उनका स्वागत किया और तिलक लगाकर भोजन कराया। तभी से भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
इस बार छोटी दिवाली और मुख्य दिवाली एक ही दिन होने के कारण त्योहारों की तारीखों में बदलाव देखने को मिलेगा। ऐसे में पूजा और खरीदारी की तैयारी करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और मुहूर्त की जानकारी जरूर देख लें।
Location : New Delhi
Published : 31 October 2026, 2:46 PM IST