हिंदी
Bihar DGP Vinay Kumar (img: social media)
Patna: बिहार पुलिस में आने वाले समय में बड़े स्तर पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी विनय कुमार ने राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिस भर्ती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 22 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि आने वाले समय में 50 हजार से ज्यादा नए जवानों को पुलिस बल में शामिल करने की दिशा में काम चल रहा है।
हत्या और डकैती के मामलों में आई कमी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार काम कर रही है। होम सिक्योरिटी बिहार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हत्या के मामलों में 10.1 प्रतिशत और डकैती के मामलों में 31.32 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिसिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम, गृह सचिव प्रणव कुमार और गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह भी मौजूद रहे।
नक्सल अभियान में बड़ी सफलता का दावा
डीजीपी ने नक्सल विरोधी अभियान को बिहार पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब राज्य का कोई भी जिला उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि साल 2005 से पहले बिहार में नक्सली गतिविधियां काफी ज्यादा थीं और कई क्षेत्रों में इसका गंभीर असर देखने को मिलता था। उन्होंने मुंगेर के एसपी की नक्सली घटना में हुई हत्या का भी जिक्र किया। डीजीपी ने कहा कि अब सरकार की योजना पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है। इसके लिए पर्यटन, शिक्षा और उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
एक साल में पूरी होगी 26 हजार पदों पर भर्ती
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार पुलिस में 26,574 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसे एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल की अवधि में 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे राज्य में पुलिस बल को और मजबूत किया जा सके।
600 थानों के नए भवन, डायल-112 को मिलेगी मजबूती
पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने को लेकर भी कई योजनाओं की जानकारी दी गई। डीजीपी ने बताया कि राज्य में करीब 600 थाना भवनों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा डायल-112 सेवा को मजबूत करने के लिए 172 करोड़ रुपये की योजना पर काम किया जा रहा है। पटना में पुलिस साइबर सेल के लिए आधुनिक भवन बनाने की तैयारी भी चल रही है।
नशे और मानव तस्करी पर भी पुलिस की नजर
डीजीपी ने नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि युवाओं को इससे दूर रखना सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार गांजा और अन्य ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ रही है। नशे के सप्लाई नेटवर्क में नेपाल, नॉर्थ ईस्ट और दूसरे राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आ रही है। मानव तस्करी और बच्चों की चोरी की घटनाओं पर डीजीपी ने कहा कि यह सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से खत्म नहीं हो सकती। उन्होंने अशिक्षा और गरीबी को इसकी बड़ी वजह बताया और समाज से बच्चों की सुरक्षा में सहयोग की अपील की।
दंगों की संख्या में भी आई बड़ी गिरावट
डीजीपी विनय कुमार ने बिहार की कानून-व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले राज्य में एक साल में करीब 15 हजार दंगे होते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 100 के आसपास पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में लगातार सुधार, बेहतर तकनीक और मजबूत कार्रवाई के कारण अपराध नियंत्रण में मदद मिली है।
Location : Patna
Published : 14 August 2026, 6:27 PM IST