गंडक का रौद्र रूप! NH-727 पर चढ़ा सैलाब, 5.43 लाख क्यूसेक पानी से बगहा बेहाल

नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी उफान पर है। वाल्मीकिनगर बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बगहा के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। NH-727 पर भी आवागमन प्रभावित होने लगा है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 28 September 2026, 5:31 PM IST
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West Champaran: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पश्चिमी चंपारण के बगहा और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कई इलाकों में पानी फैल गया है।

NH-727 पर पहुंचा बाढ़ का पानी

गंडक नदी का पानी अब बगहा-बेतिया मुख्य मार्ग NH-727 तक पहुंच गया है। मलपुरवा और धोबीघाट के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने की सूचना है। मुख्य मार्ग पर पानी आने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। कई वाहन पानी के बीच से गुजरते दिखाई दे रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

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कई वार्डों में घुसा पानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक गंडक के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। बगहा नगर के कई वार्डों में पानी प्रवेश कर चुका है। घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासी रामशीष यादव ने बताया कि नदी से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में स्थिति बिगड़ रही है। लोगों को सुरक्षित रहने और जरूरी सामान बचाने में परेशानी हो रही है।

भोजन और राहत व्यवस्था की मांग

राजेडी के किसान नेता ओम प्रकाश यादव ने कहा कि इलाके में पानी काफी बढ़ गया है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल भोजन और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने की अपील की।

बाढ़ के पानी से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से गन्ना और धान की फसलों को नुकसान होने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है। इससे उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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करीब दस मोहल्लों तक पहुंचा पानी

नारायणी गंडक का पानी आधा दर्जन गांवों के साथ बगहा शहर के करीब दस मोहल्लों तक पहुंचने की सूचना है। मंगलपुर और मलकौली से लेकर कैलाशनगर, गोड़ियापट्टी, मिर्जा टोला, पावर हाउस और चखनी समेत कई इलाकों में पानी फैल गया है। बाढ़ का पानी एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन, बीआरसी भवन और कई सरकारी स्कूलों के आसपास भी पहुंचने की सूचना है। इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।

VTR में भी बढ़ी वन्यजीवों की चिंता

गंडक के बढ़े जलस्तर का असर वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) के जंगलों के निचले इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। पानी बढ़ने से वन्यजीवों और अन्य जीव-जंतुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। वन क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर वन विभाग की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि पानी बढ़ने से वन्यजीवों के सुरक्षित क्षेत्रों में जाने का दबाव बढ़ सकता है।

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देवघाट से बढ़े बहाव के बाद बिगड़े हालात

बताया जा रहा है कि नेपाल के देवघाट से करीब 6.74 लाख क्यूसेक पानी का बहाव होने के बाद नारायणी गंडक नदी खतरे के निशान को पार कर गई। इसके बाद वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़े गए पानी का असर नदी किनारे बसे इलाकों, दियारा क्षेत्रों और निचले हिस्सों में तेजी से दिखाई देने लगा। पश्चिम चंपारण के डीएम तरणजोत सिंह ने शाम तक स्थिति सामान्य होने और पानी कम होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, नदी के जलस्तर और बराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

फिलहाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में गंडक नदी में इतना अधिक पानी का बहाव पहले नहीं देखा। प्रभावित परिवार प्रशासन से राहत, भोजन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था जल्द उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

Location :  West Champaran

Published :  28 September 2026, 5:31 PM IST

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