सावन में सांपों का निकलना भगवान शिव का चमत्कार या कुछ और? जानिए आस्था के पीछे छिपे विज्ञान का सच

सावन में सांपों का बार-बार दिखना कोई आस्था का चमत्कार है या इसके पीछे गहरा विज्ञान? बारिश, नमी और शिकार की तलाश कैसे सांपों को बिलों से बाहर लाती है, जानिए दिल्ली की स्टडी और रिसर्च पर आधारित इस खबर में।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 August 2026, 10:22 AM IST
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New Delhi: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ ठंडक, हरियाली और भक्ति का माहौल बन जाता है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ सांपों के दर्शन होना बेहद आम बात है। कई लोग इसे धार्मिक दृष्टिकोण से देखते हैं और इसे नाग पूजा या शिव भक्ति से जोड़कर मानते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वाकई सावन में सांपों का निकलना कोई दैवीय चमत्कार है या फिर इसके पीछे प्रकृति और जीव विज्ञान का सीधा नियम काम कर रहा है?

बेघर होना और सूखी ज़मीन की मजबूरी

वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण मानसून की भारी बारिश है। बारिश का पानी जैसे ही सांपों के बिलों और छिपने के गुप्त ठिकानों में भरता है, उनका दम घुटने लगता है। अपनी जान बचाने और सूखी, सुरक्षित जगह पाने के लिए उन्हें बाहर निकलना ही पड़ता है।

भोजन की भरमार और सक्रियता

सांप 'कोल्ड-ब्लडेड' यानी ठंडे खून वाले जीव होते हैं, जिनका शरीर बाहरी तापमान से संचालित होता है। मानसून की नमी और अनुकूल तापमान उन्हें पहले से अधिक फुर्तीला बना देता है। इसके अलावा, इस मौसम में मेंढक, चूहे और छिपकलियां भी बड़ी संख्या में बाहर आते हैं। अपना पसंदीदा शिकार आसानी से मिलने के कारण सांप भोजन की तलाश में ज्यादा घूमते-फिरते हैं।

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प्रजनन काल और दिल्ली स्टडी की रिपोर्ट

सावन का मौसम कई सांपों की प्रजातियों के प्रजनन (Mating) का भी समय होता है, जिससे उनकी आवाजाही काफी बढ़ जाती है। साल 2024 में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन में यह बात साबित हुई है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में ही सांपों के बाहर दिखने के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं।

अंतिम निष्कर्ष

धार्मिक आस्था में नाग पंचमी और शिव भक्ति का अपना महत्व है, लेकिन सावन में सांपों का बार-बार दिखना पूरी तरह से उनके जीवन चक्र, प्राकृतिक आदतों और अस्तित्व को बचाए रखने की कोशिश से जुड़ा हुआ है।

Location :  New Delhi

Published :  12 August 2026, 10:22 AM IST

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