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शिवरात्रि व्रत (Img- Pinterest)
New Delhi: भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस बार सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, मंगलवार को मनाई जा रही है। हर माह आने वाली शिवरात्रि में सावन की शिवरात्रि का महत्व सबसे खास होता है, क्योंकि इस दिन जलाभिषेक के साथ-साथ व्रत रखने से शिव-पार्वती दोनों का असीम आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, इस बार पूजा-अर्चना के दौरान भद्रा के समय का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।
शिव पुराण के अनुसार, सावन शिवरात्रि का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मन और आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे श्रद्धा भाव से रखने पर अनजाने में हुए पाप मिट जाते हैं और मानसिक शांति मिलती है। अविवाहित कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है, जबकि शादीशुदा लोगों के वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। जीवन के सारे सांसारिक सुख भोगने के बाद इंसान मोक्ष का भागी बनता है।
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व्रत के दौरान शरीर की ऊर्जा बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप ताजे फल, दूध, दही, मखाने, साबूदाना और सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बनी सात्विक चीजें खा सकते हैं। अगर आप फलाहार में नमक लेते हैं, तो केवल सेंधा नमक और काली मिर्च का ही इस्तेमाल करें। वहीं दूसरी ओर, अनाज, भारी-तले भुने भोजन और प्याज-लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें।
जो लोग पहले से सावन सोमवार का व्रत रखते आ रहे हैं, वे भी बिना किसी झिझक के सावन शिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं; दोनों व्रतों का महत्व और संकल्प अलग-अलग है। रही बात व्रत पारण की, तो 12 अगस्त 2026 को सुबह 05:49 बजे सूर्योदय के बाद ही व्रत खोलना शास्त्रों के अनुसार सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है।
Location : New Delhi
Published : 11 August 2026, 12:05 PM IST