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क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन? (Img- AI)
New Delhi: हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस वर्ष 28 अगस्त 2026 को यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।
इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई हर परिस्थिति में बहन की रक्षा का वचन देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह परंपरा कब और कैसे शुरू हुई?
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा बलि ने भगवान विष्णु को अपने पाताल लोक का द्वारपाल बना लिया था। अपने पति को वापस लाने के लिए मां लक्ष्मी ने एक गरीब स्त्री का रूप धरा और पाताल लोक पहुंचकर राजा बलि की कलाई पर राखी बांधी। बलि ने जब बहन को उपहार मांगने को कहा, तो मां लक्ष्मी ने अपने वास्तविक रूप में आकर भगवान विष्णु को वापस वैकुंठ ले जाने की अनुमति मांग ली।
महाभारत काल में जब श्रीकृष्ण की उंगली सुदर्शन चक्र से घायल हो गई थी, तब द्रौपदी ने बिना सोचे अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी कलाई पर बांध दिया था। श्रीकृष्ण ने इस प्रेम के बदले द्रौपदी को हर संकट में रक्षा का वचन दिया और चीरहरण के समय उनकी लाज बचाकर भाई धर्म निभाया।
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एक अन्य कथा के अनुसार, सावन पूर्णिमा के दिन ही यमुना जी ने अपने भाई यमराज को आदरपूर्वक घर बुलाकर मस्तक पर तिलक लगाया और हाथ में रक्षासूत्र बांधा। यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान दिया कि इस दिन जो भी बहन अपने भाई को रक्षासूत्र बांधेगी, उसे किसी भी भय से मुक्ति मिलेगी।
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भविष्य पुराण में उल्लेख मिलता है कि जब असुरों के साथ युद्ध में देवता पराजित होने लगे, तब इंद्राणी (शची) ने देवगुरु बृहस्पति के कहने पर इंद्रदेव की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा था। इसी सुरक्षा धागे के प्रभाव से देवताओं को युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी।
Location : New Delhi
Published : 28 August 2026, 9:59 AM IST
Topics : Rakhi 2026 Rakhi Special Raksha Bandhan 2026