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भाई-बहनों में भेदभाव से बचें (Source: Pinterest)
New Delhi: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। परिवार के लोग इस पर्व को मिल-जुलकर मनाते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ बातों से बचने की सलाह दी जाती है।
रक्षाबंधन के दिन भाई-बहनों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए। तोहफे, प्यार या जिम्मेदारियों को लेकर तुलना करने से बचना बेहतर माना जाता है। परिवार के सभी सदस्यों के साथ समान व्यवहार रिश्तों में मिठास बनाए रखने में मदद करता है।
राखी के पर्व पर उपहार देना प्रेम और स्नेह जताने का एक तरीका है। ऐसे में उपहार की कीमत को रिश्ते की अहमियत से जोड़ना उचित नहीं माना जाता। महंगे गिफ्ट की उम्मीद रखने के बजाय भावना और अपनापन को महत्व देना चाहिए।
रक्षाबंधन को रिश्तों में नई शुरुआत का दिन भी माना जाता है। इसलिए इस दिन पुरानी लड़ाई, विवाद या शिकायतों को दोहराने से बचने की सलाह दी जाती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस करने के बजाय परिवार के साथ खुशी के पल बिताना बेहतर है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। रक्षाबंधन पर भाई-बहन के साथ बैठकर बातचीत करें, पुरानी यादें साझा करें और साथ समय बिताएं। सिर्फ राखी बांधने की रस्म पूरी करके तुरंत व्यस्त हो जाना रिश्ते की गर्माहट को कम कर सकता है।
भाई-बहनों के बीच पढ़ाई, नौकरी, करियर या आर्थिक स्थिति को लेकर तुलना रिश्ते में तनाव पैदा कर सकती है। रक्षाबंधन के दिन एक-दूसरे की उपलब्धियों की सराहना करें और किसी को नीचा दिखाने से बचें।
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कुछ धार्मिक मान्यताओं में रक्षाबंधन के दिन तामसिक भोजन से बचने और सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है। इसी तरह कुछ मान्यताओं में काले कपड़े पहनने से बचने की बात कही जाती है। हालांकि, ये परंपरागत मान्यताएं हैं और अलग-अलग परिवारों में इनके नियम अलग हो सकते हैं।
आखिर रक्षाबंधन का सबसे बड़ा संदेश यही है कि भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, सम्मान और विश्वास बना रहे।
Location : New Delhi
Published : 27 August 2026, 3:01 PM IST