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प्रतीकात्मक छवि (Img- AI)
Muktsar: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की सतर्कता और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती एक दर्दनाक घटना पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट शहर से सामने आई है। जहाँ एक ओर बीमार महिला का परिवार रातभर उसे हर संभावित जगह तलाशता रहा और पुलिस से लेकर सोशल मीडिया तक मदद की गुहार लगाता रहा, वहीं दूसरी ओर वह महिला सरकारी अस्पताल के वॉशरूम में पूरी रात बंद रहकर बदहवासी में मदद का इंतजार करती रही।
घटना मलोट के वार्ड नंबर 10 की है। यहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला कृष्णा रानी मंगलवार को इलाज और दवाइयाँ लेने के लिए मलोट स्थित फायर ब्रिगेड के पास बने 'आयुष्मान आरोग्य केंद्र' गई थीं। इलाज की प्रक्रिया के दौरान वह केंद्र के वॉशरूम में गईं। इसी बीच, अस्पताल का समय खत्म होते ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ बिना यह देखे कि अंदर कोई मरीज है या नहीं, केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर अपने-अपने घर चला गया।
जब बुजुर्ग महिला देर शाम तक घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सोशल मीडिया के जरिए भी लापता होने की अपील साझा की। पूरी रात परिजन अनहोनी की आशंका से जूझते रहे। अगली सुबह जब अस्पताल का स्टाफ रोजाना की तरह केंद्र खोलने पहुंचा, तब जाकर वॉशरूम में बंद बुजुर्ग महिला का पता चला और उन्हें बाहर निकाला गया।
इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। जब इस बारे में सिविल अस्पताल मलोट के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉक्टर राजिंदर कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोग्य केंद्र के दोषी स्टाफ से तुरंत लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही पीड़ित बुजुर्ग महिला के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
Location : Muktsar
Published : 7 August 2026, 11:00 AM IST