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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Jind: जींद जिला कारागार की चारदीवारी के भीतर घटी एक घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पॉक्सो (POCSO) मामले में 20 साल की सजा काट रहे 26 वर्षीय कैदी संदीप ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं दिखता, क्योंकि मृतक के शरीर पर मिले सुसाइड नोट और परिजनों के आरोपों ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
घटना की जांच के दौरान मृतक संदीप के पैर पर नीली स्याही से एक डीएसपी और एक अन्य पुलिसकर्मी का नाम लिखा मिला। लिखावट में साफ तौर पर आरोप लगाया गया था कि वह इन अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठा रहा है। इसके अलावा, घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस प्रताड़ना और अनदेखी की बातें सामने आ रही हैं।
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संदीप के पिता वासुदेव और मां गुलाबो ने जेल प्रशासन पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, संदीप साल 2023 से गुर्दे में पत्थरी के दर्द से तड़प रहा था। शनिवार को जब वे संदीप से मिलने आए थे, तब उसने बताया था कि जेल प्रशासन न तो उसका इलाज करवा रहा है और न ही उसे राहत दे रहा है। परिजनों का दावा है कि लगातार मिल रही मानसिक और शारीरिक यातनाओं की वजह से ही संदीप की जान गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की देखरेख में शव को फंदे से उतारा गया। सिविल लाइन थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। जींद जेल के एसपी दीपक शर्मा और सिविल लाइन थाना प्रभारी आशीष कुमार के अनुसार, पूरे मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) की जा रही है और डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद ही मौत की असल वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी।
Location : Jind
Published : 4 August 2026, 9:19 AM IST
Topics : crime news Haryana News Haryana Police Jind News