‘लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई’, बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर विनेश फोगाट ने सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल

बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर विनेश फोगाट ने सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। महिला पहलवानों ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया है। 2023 के इस WFI यौन उत्पीड़न मामले में कानूनी लड़ाई अभी और आगे जारी रहेगी।

Updated : 3 August 2026, 3:34 PM IST
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New Delhi: भारतीय कुश्ती जगत को हिला देने वाले बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में अदालत के एक हालिया फैसले ने नया भूचाल ला दिया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और ताकतवर राजनीतिक नेता बृजभूषण शरण सिंह को अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद देश की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीधे तौर पर देश की व्यवस्था और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विनेश फोगाट ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भले ही अदालत से निराशा हाथ लगी हो, लेकिन महिला पहलवानों की यह लंबी कानूनी लड़ाई अभी थमी नहीं है।

'पूरे सिस्टम ने शुरू से बचाने की कोशिश की'

सोशल मीडिया पर अपना तीखा बयान साझा करते हुए विनेश फोगाट ने सत्ता और तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक प्रभावशाली राजनेता के खिलाफ केवल एफआईआर (FIR) दर्ज करवाने के लिए भी देश की महिला खिलाड़ियों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा था। विनेश का आरोप है कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक रसूख और ताकत का भरपूर इस्तेमाल करते हुए कई महिला पहलवानों पर लगातार अपनी शिकायतें वापस लेने का भारी दबाव बनाया था। इसके बावजूद, पीड़ित महिला पहलवानों ने हिम्मत नहीं हारी और डटकर अदालत में इस कानूनी लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा।

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अदालत के फैसले से गहरी निराशा, उच्च न्यायालय का रुख

विनेश फोगाट ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि अदालत द्वारा बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के तमाम आरोपों से मुक्त किए जाने से महिला पहलवान आहत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही पूरी सरकार, प्रशासन और तंत्र का पूरा जोर बृजभूषण को किसी भी तरह बचाने पर लगा हुआ था। हालांकि, इन तमाम झटकों के बाद भी खिलाड़ियों का हौसला नहीं टूटा है। विनेश ने जानकारी दी है कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को सख्त निर्देश दे दिए हैं और इस फैसले के खिलाफ जल्द ही उच्च न्यायालय (High Court) में आधिकारिक अपील दायर की जाएगी।

साल 2023 के ऐतिहासिक आंदोलन की गूंज

यह पूरा कानूनी और सामाजिक विवाद साल 2023 में उस वक्त चरम पर पहुंच गया था, जब देश के शीर्ष पहलवानों- विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और उन्हें WFI के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली की सड़कों पर ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन किया था। खिलाड़ियों के इस लंबे और कड़े आंदोलन ने न केवल भारतीय खेल जगत बल्कि देश की राजनीति में भी एक बड़ा भूचाल ला दिया था।

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बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया और आगे की राह

दूसरी ओर, अदालत से राहत मिलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने पहले ही दिन स्पष्ट कर दिया था कि यदि उन पर लगाए गए एक भी आरोप साबित हो जाते हैं, तो वह खुद को फांसी पर लटका लेंगे। आज अदालत द्वारा बरी किए जाने पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने और अपने समर्थकों के लिए एक बड़ी राहत और सकारात्मक खबर बताया है।

अब जबकि महिला पहलवानों ने उच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है, यह साफ है कि भारतीय खेल इतिहास के सबसे बड़े कानूनी मामलों में से एक की यह लड़ाई अभी और लंबी चलने वाली है। सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि उच्च न्यायालय इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है।

Location :  New Delhi

Published :  3 August 2026, 3:34 PM IST

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