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सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Source: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा चुनाव राजनीतिक दलों के लिए शक्ति और संगठनात्मक गणित परखने का मौका बन गया है। यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन आठ सीटों की स्थिति में है, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीट जीतने की स्थिति में है। इसी बीच सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी उतारने की चर्चा ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
राज्यसभा चुनाव में एक सीट के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होगी। सपा के पास 101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन मिलने पर उसका संख्या बल 103 हो जाता है। ऐसे में दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद अतिरिक्त वोट बचेंगे, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे बड़ी संख्या में अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। हालिया रिपोर्टों में सपा की ओर से तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी का जिक्र है।
यूपी विधानसभा में भाजपा के 256 विधायक हैं। उसके सहयोगी दलों के विधायकों को जोड़ने पर एनडीए का आंकड़ा 292 के आसपास पहुंचता है। ऐसे में मौजूदा संख्या के आधार पर भाजपा नेतृत्व वाला गठबंधन आठ सीटों की स्थिति में बताया जा रहा है। हालांकि उम्मीदवारों की संख्या और मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थिति से अंतिम गणित प्रभावित हो सकता है।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि फरवरी 2024 में यूपी की 10 सीटों के चुनाव में सपा के कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बाद भाजपा ने आठ सीटें जीती थीं। इस बार भी दोनों खेमे अपने अतिरिक्त वोटों को सुरक्षित रखने और दूसरे पक्ष से समर्थन जुटाने की रणनीति पर नजर रखेंगे।
सपा के तीसरे प्रत्याशी की स्थिति उसके अतिरिक्त समर्थन जुटाने पर निर्भर करेगी। रिपोर्टों में भाजपा के सहयोगी दलों के उन विधायकों पर भी नजर होने की बात कही गई है, जिनके आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि किसी विधायक के पाला बदलने या क्रॉस वोटिंग करने को लेकर अभी कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के नाम और पार्टियों की अंतिम रणनीति सामने आने के बाद ही तस्वीर और स्पष्ट होगी।
Location : Lucknow
Published : 24 September 2026, 9:59 AM IST