हिंदी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सीएम योगी आदित्यनाथ (Img: Google)
New Delhi: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2027) के ऐलान में लगभग 8 माह का वक्त बाकी है लेकिन राज्य में सियासी बयानबाजी और राजनीतिक तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों ने चुनाव को लेकर गुणा गणित करना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मंगलवार को यूपी चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया, जिस पर सियासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भाजपा को लेकर बड़ा दावा किया। अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं।
सपा प्रमुख ने अपनी लंबी चौड़ी पोस्ट में भाजपा को लेकर कई और बड़े दावे किये। उन्होंने लिखा कि यूपी में ‘लगभग 225 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है’।
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट की शुरूआत में भाजपा पर कड़ हमला बोलते हुए लिखा “अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया? सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई। यही फ़ार्मूला उप्र की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहाँ इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहाँ भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं”।
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, आखिर में उन्होंने लिखा “दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है.... और कई मद्दों के कारण भाजपा के खिलाफ जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है”।
यह पहला अवसर नहीं है, जब अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए आगामी यूपी चुनाव में एनडीए की हार का दावा किया। उनके यह दावे और हमले सबसे बड़े विपक्षी दल के मुखिया होने के नाते सियासी तौर पर सही भी माना जाये तो इसके बावजूद भी यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके ये दावे कितने सच साबित होते हैं।
Location : New Delhi
Published : 9 June 2026, 2:21 PM IST