हिंदी
अखिलेश यादव (IMG: Dynamite News)
New Delhi: संसद के मानसून सत्र में एक बार फिर ऐसा मुद्दा गरमा गया है, जिसने सरकार और विपक्ष को आमने-सामने ला दिया है। 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 13 अगस्त को बयान देने की बात सामने आई तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोल दिया। अखिलेश ने कहा कि देश अब भाषण सुनने के मूड में नहीं है।
अखिलेश यादव ने अमित शाह के प्रस्तावित बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जिस तरीके से संसद में जवाब देने की तैयारी कर रही है, वह वास्तविक जवाबदेही नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार जवाब देने के बजाय सिर्फ औपचारिकता पूरी करने की कोशिश कर रही है। सपा अध्यक्ष ने यहां तक कहा कि जो कुछ संसद में पेश किया जाएगा, वह जवाब के बजाय ‘थोथा बयान’ होगा।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर जवाबदेही पर दिया। उन्होंने कहा कि देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है। उनका कहना है कि जिस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, उस पर सरकार को तथ्य सामने रखने चाहिए। सपा अध्यक्ष के मुताबिक जिम्मेदारी और जवाबदेही समय की किसी शर्त से तय नहीं होती। यह किसी औपचारिकता को पूरा करने का मामला नहीं है, बल्कि गंभीर सवालों का उत्तर देने का विषय है।
दरअसल, पूरा विवाद 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। विपक्षी नेताओं की ओर से दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो पुलिस कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी और बल प्रयोग किसके निर्देश पर किया गया।
20 जुलाई की घटना के बाद विपक्ष के कई बड़े नेता सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांग चुके हैं। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों को संसद के सामने रखा जाना चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए कथित बल की परिस्थितियां क्या थीं और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी।
“बेहद जानलेवा पार्टी है बीजेपी…” मिर्जापुर ओवरब्रिज की बदहाली पर भड़के अखिलेश यादव, लगाए बड़े आरोप
मौजूदा जानकारी के मुताबिक संसद के सत्र की कार्यवाही 13 अगस्त को खत्म होनी है। ऐसे में उसी दिन गृह मंत्री के बयान देने की बात ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि अगर सदन की कार्यवाही जरूरत के मुताबिक आगे बढ़ती है तो समय-सीमा बढ़ाई जा सकती है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही किसी समय-सीमा की शर्त से नहीं निभाई जाती। उनका कहना है कि सरकार को सिर्फ बयान देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानने के बजाय पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संसद के सामने रखनी चाहिए।
Location : New Delhi
Published : 12 August 2026, 2:01 PM IST