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भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ बने रूस के मध्यस्थ (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
New Delhi: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को एक अंतरराष्ट्रीय विवाद में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक 'ओशचादबैंक' के साथ चल रहे अरबों डॉलर के विवाद में उन्हें अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह पूरा मामला रूस की सैन्य कार्रवाई से हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई से जुड़ा है।
यूक्रेन का प्रमुख सरकारी बैंक ओशचादबैंक रूस से भारी-भरकम मुआवजे की मांग कर रहा है। बैंक का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण यूक्रेन के कई प्रमुख क्षेत्रों में उसकी संपत्तियों और कारोबार को गंभीर क्षति पहुंची है। प्रभावित इलाकों में डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया शामिल हैं।
इस वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए बैंक ने कानूनी रास्ता अपनाया है। बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को इस विवाद की औपचारिक जानकारी दी थी। आरोप है कि रूसी पक्ष की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद यह कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इस मामले में दावे की कुल रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर (अरबों डॉलर) की है।
इस जटिल अंतरराष्ट्रीय विवाद के समाधान के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल का गठन किया गया है, जिसमें रूस की ओर से पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ चुना गया है।
पैनल के अन्य सदस्यों में कोस्टा रिका की ड्याला जिमेनेज शामिल हैं, जिन्हें रूस और यूक्रेन के बैंक दोनों की सहमति से पैनल का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, तीसरे सदस्य के रूप में ग्रीस के स्तावरोस ब्रेकौलाकिस को शामिल किया गया है, जिन्हें ओशचादबैंक ने अपना मध्यस्थ चुना है। इस पैनल के माध्यम से दोनों पक्षों के दावों की निष्पक्ष सुनवाई होगी।
दिलचस्प बात यह है कि जस्टिस चंद्रचूड़ को इससे पहले भी रूस द्वारा दो अन्य मामलों- विंटरशॉल डीआ और यूक्रेनर्गो में मध्यस्थ बनने के प्रस्ताव दिए गए थे। हालांकि, उन्होंने उन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी एक अन्य जिम्मेदारी से भी इस्तीफा दे दिया था। रूस के साथ चली बातचीत और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उन्होंने ओशचादबैंक के इस मामले में मध्यस्थता की भूमिका स्वीकार करने का निर्णय लिया।
इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मामले में दोनों पक्षों ने दिग्गज वकीलों की फौज उतार रखी है। ओशचादबैंक की तरफ से वकीलों की एक बड़ी टीम उसका पक्ष मजबूती से रख रही है, तो वहीं रूस की ओर से भी अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों की एक विशेष टीम पूरे मामले की पैरवी कर रही है। मध्यस्थता पैनल की यह कार्यवाही आने वाले समय में रूस और यूक्रेन के बीच आर्थिक और कानूनी मोर्चे पर बेहद अहम साबित हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 12 August 2026, 2:06 PM IST