UP News: सपा MLC के नाम से विधान परिषद में फर्जी सवाल, हिंदी के फर्जी हस्ताक्षर से खुला राज; अब कैमरों से होगी जांच

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा एमएलसी मुकुल यादव के कथित फर्जी हस्ताक्षर से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा सवाल लगाए जाने का मामला सामने आया है। एमएलसी ने सवाल लगाने से इनकार किया है। हस्ताक्षरों में अंतर मिलने के बाद सभापति ने जांच के आदेश दिए हैं। सीसीटीवी के जरिए शिकायतकर्ता की पहचान की जा रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 August 2026, 11:31 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सपा एमएलसी मुकुल यादव के नाम और कथित फर्जी हस्ताक्षर से स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक सवाल लगाए जाने का मामला सामने आया है। परिषद ने इस सवाल पर स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट भी मांग ली थी। बाद में हस्ताक्षरों में अंतर सामने आने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

5 अगस्त को दिया गया था पत्र

जानकारी के मुताबिक, पांच अगस्त को विधान परिषद में नियम 111 के तहत एक पत्र दिया गया था। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने के समय और वेतन कटौती से जुड़ा मुद्दा उठाया गया था।

पत्र में आरोप लगाया गया था कि संविदा कर्मचारियों के एक मिनट देर से पहुंचने पर आधे दिन का वेतन काट लिया जाता है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के देर से आने पर कार्रवाई नहीं होती।

विधान परिषद ने उसी दिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मामले में आख्या तलब कर ली।

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हस्ताक्षर ने खोल दिया पूरा राज

पत्र स्वास्थ्य विभाग पहुंचा तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोएल को भी इसकी जानकारी दी गई। विभाग की ओर से जब एमएलसी मुकुल यादव से सवाल के बारे में पुष्टि की गई तो उन्होंने इसे अपना होने से साफ इनकार कर दिया।

इसके बाद संबंधित पत्र में किए गए हस्ताक्षर की तुलना एमएलसी के अन्य सवालों से की गई। एनएचएम से जुड़े पत्र में एमएलसी के हस्ताक्षर हिंदी में थे, जबकि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े उनके अन्य सवालों में हस्ताक्षर अंग्रेजी में मिले।

एमएलसी ने बताया कि वह अपने सवालों के पत्रों पर अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं। इसके बाद मामले में फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का शक और गहरा गया।

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एमएलसी ने सभापति से की जांच की मांग

मुकुल यादव ने कहा कि उन्होंने एनएचएम से जुड़ी ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। उनके मुताबिक, उनके फर्जी हस्ताक्षर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने मामले की जांच के लिए विधान परिषद सभापति से मांग की है।

सीसीटीवी से खुलेगा राज

विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने मामले की जांच प्रमुख सचिव को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि परिषद परिसर में लगे कैमरों की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिकायत लेकर कौन आया था।

सभापति ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही यह साफ होगा कि एमएलसी के फर्जी हस्ताक्षर से सवाल किसने और किस उद्देश्य से लगाया था।

Location :  Lucknow

Published :  10 August 2026, 11:20 AM IST

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