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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Source: Pinterest )
New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की कानूनी टीम में बड़ा बदलाव किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि मौजूदा स्टाफ सेक्रेटरी विल शार्फ 1 सितंबर से व्हाइट हाउस काउंसल और राष्ट्रपति के असिस्टेंट की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मौजूदा काउंसल डेविड वॉरिंगटन की जगह लेंगे।
वॉरिंगटन अब ट्रंप प्रशासन से विदाई लेकर प्राइवेट सेक्टर में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नियुक्ति का ऐलान किया। उन्होंने विल शार्फ के काम की तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत, ताकतवर और स्मार्ट बताया।
ट्रंप के मुताबिक, शार्फ ने स्टाफ सेक्रेटरी के तौर पर शानदार काम किया है। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और शार्फ पहले कई कानूनी मामलों में उनका प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
विल शार्फ ट्रंप से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में काम कर चुके हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामले भी शामिल हैं। ट्रंप ने विशेष रूप से बाइडन प्रशासन के दौरान सरकारी एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और 'वेपनाइजेशन' से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शार्फ ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अंडरग्रेजुएट डिग्री और हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की है। ट्रंप ने दोनों संस्थानों में उनके शानदार अकादमिक प्रदर्शन का भी जिक्र किया।
व्हाइट हाउस काउंसल राष्ट्रपति को कानूनी और नीतिगत मामलों में सलाह देता है। यह कार्यालय व्हाइट हाउस और न्याय विभाग के बीच महत्वपूर्ण संपर्क का काम भी करता है।
राष्ट्रपति की ओर से दी जाने वाली माफी, न्यायिक नियुक्तियों और कानूनों की समीक्षा जैसे मामलों में भी काउंसल की भूमिका होती है। इसके अलावा कांग्रेस की जांच और राष्ट्रपति से जुड़े कानूनी मामलों को संभालने में भी यह कार्यालय महत्वपूर्ण होता है।
विल शार्फ ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभालेंगे, जब अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं। रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश करेगी, जबकि डेमोक्रेट्स ने संकेत दिए हैं कि जीत मिलने पर वे ट्रंप प्रशासन की व्यापक जांच कर सकते हैं।
ऐसे में व्हाइट हाउस के शीर्ष कानूनी सलाहकार के तौर पर शार्फ की भूमिका आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
जुलाई 2025 में ट्रंप ने विल शार्फ को नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया था। इसी दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस के करीब 400 मिलियन डॉलर के बॉलरूम प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इस प्रोजेक्ट को लेकर कानूनी विवाद अभी जारी है। एक फेडरल अपील्स कोर्ट ने निर्माण रोकने का फैसला दिया है। इसके बाद ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही है।
शार्फ के पद संभालने के बाद डेविड वॉरिंगटन व्हाइट हाउस काउंसल की जिम्मेदारी छोड़ देंगे। वॉरिंगटन पहले ट्रंप के पर्सनल अटॉर्नी और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में कानूनी सलाहकार रह चुके हैं।
अब 1 सितंबर से शार्फ राष्ट्रपति के असिस्टेंट और व्हाइट हाउस काउंसल दोनों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके कानूनी अनुभव को देखते हुए आने वाले महीनों में उनकी भूमिका पर दुनिया की नजर रहेगी।
Location : New Delhi
Published : 10 August 2026, 11:41 AM IST
Topics : Trump News US Politics White House