कानपुर विनीत मीनोचा हत्याकांड: बहू शालू जेल से आई बाहर, जानें रिहाई देने से पहले कोर्ट ने क्या कहा?

कानपुर के चर्चित विनीत मीनोचा हत्याकांड में आरोपी शालू मीनोचा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी न्यायिक अभिरक्षा समाप्त करते हुए रिहाई का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि हत्या की साजिश में उनकी भूमिका साबित करने वाला कोई पुख्ता स्वतंत्र साक्ष्य सामने नहीं आया...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 28 September 2026, 8:59 PM IST
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Kanpur News: कानपुर के चर्चित विनीत मीनोचा हत्याकांड में आरोपी शालू मीनोचा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के आदेश के बाद शालू को जेल से रिहा कर दिया गया है। अदालत ने उनकी न्यायिक अभिरक्षा समाप्त करते हुए 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहाई का आदेश दिया। शालू की रिहाई के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके भाई ने कहा कि आखिरकार सच सामने आ गया है और परिवार इस फैसले से बेहद खुश है।

हत्या की साजिश में नहीं मिला पुख्ता स्वतंत्र साक्ष्य

अदालत ने अपने आदेश में शालू मीनोचा की भूमिका को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि हत्या की साजिश में उनकी संलिप्तता साबित करने वाला कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय साक्ष्य रिकॉर्ड पर सामने नहीं आया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि शालू को न्यायिक अभिरक्षा में बनाए रखने का पर्याप्त आधार नहीं रह गया है। इसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

दूसरे मामले में वांछित होने पर होगी अलग स्थिति

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि शालू किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल मुक्त किया जाए। हालांकि, रिहाई के बाद भी उन्हें मामले की कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करना होगा। अदालत या जांच अधिकारी की ओर से आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पूछताछ या अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए उपस्थित होना होगा।

क्या था विनीत मीनोचा हत्याकांड?

गौरतलब है कि 5 सितंबर को कानपुर की रतन ऑर्बिट बिल्डिंग स्थित फ्लैट में दवा कारोबारी विनीत मीनोचा की हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने इस मामले में उनकी बहू शालू मीनोचा को आरोपी बनाया था। पुलिस के अनुसार, पूर्व नौकर विशाल गौतम ने हत्याकांड की साजिश में शालू का नाम लिया था। इसके बाद पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जांच में सामने आया सुब्रत का नाम

मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस को कई डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर विनीत मीनोचा के बेटे सुब्रत की भूमिका पर सवाल उठे। पुलिस ने सुब्रत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान सुब्रत ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की और यह भी कहा कि शालू की इस मामले में कोई भूमिका नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने विशाल गौतम को सुपारी देकर पिता की हत्या कराने की योजना बनाई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुब्रत पर कर्ज और आर्थिक दबाव था। इसी वजह से उसने हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस को हत्याकांड की रात सुब्रत और विशाल के बीच हुई बातचीत से जुड़े साक्ष्य भी मिले थे।

रिहाई के बाद परिवार ने जताई खुशी

शालू की रिहाई के बाद उनके भाई और परिजनों ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद परिवार को राहत मिली है और अब सच सामने आ रहा है। वहीं, विनीत मीनोचा हत्याकांड में आगे की कानूनी प्रक्रिया अन्य आरोपियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जारी रहेगी।

Location :  Kanpur

Published :  28 September 2026, 8:58 PM IST

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