US से भारतीय फार्मा सेक्टर को राहत, चुनिंदा और विशेष दवाओं पर नहीं लगेगा कोई टैरिफ

अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को बड़ी राहत देते हुए चुनिंदा और विशेष फार्मास्युटिकल उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू करने का फैसला किया है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 28 September 2026, 12:36 PM IST
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New Delhi: अमेरिका की नई टैरिफ पॉलिसी के बीच भारतीय फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए अच्छी खबर आई है। अमेरिका ने कुछ खास दवाओं और मेडिकल प्रोडक्ट्स को भारी टैरिफ से छूट देने का फैसला किया है। इससे उन भारतीय कंपनियों को सीधे फायदा हो सकता है जो अमेरिका को खास कैटेगरी की दवाएं और फार्मास्युटिकल सामग्री सप्लाई करती हैं।

अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट की जारी लिस्ट के अनुसार, कुछ खास फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर जीरो-परसेंट टैरिफ लग सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका कुछ पेटेंटेड दवाओं और उनसे जुड़े कच्चे माल के इंपोर्ट पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है।

सभी भारतीय दवाओं को छूट नहीं मिलेगी

हालांकि, भारत से एक्सपोर्ट होने वाले सभी फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स को इस राहत का फायदा नहीं मिलेगा। अमेरिकी सरकार ने टैरिफ-छूट वाली लिस्ट में केवल खास कैटेगरी में आने वाली दवाओं और सामग्रियों को ही शामिल किया है। इनमें एडवांस्ड मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़ी दवाएं शामिल हैं, जैसे कि ऑरफन ड्रग्स, न्यूक्लियर मेडिसिन, प्लाज्मा-बेस्ड थेरेपी, फर्टिलिटी दवाएं, सेल और जीन थेरेपी, और एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स। इसके अलावा कुछ मेडिकल काउंटरमेजर्स और जानवरों की सेहत से जुड़े प्रोडक्ट्स को भी इस छूट का फायदा मिल सकता है।

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भारत समेत कई देश शामिल

भारत के अलावा, अमेरिकी लिस्ट में कई अन्य देश और क्षेत्र भी शामिल हैं, जैसे अर्जेंटीना, बांग्लादेश, जापान, यूके, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और यूरोपीय संघ। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन देशों के योग्य प्रोडक्ट्स को ट्रेड और सिक्योरिटी एग्रीमेंट्स के तहत टैरिफ में राहत मिल सकती है। यह कदम अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी एक आदेश का हिस्सा है, जिसमें ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत फार्मास्युटिकल इंपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था।

जेनेरिक दवाओं के लिए यह फैसला क्यों अहम है?

भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, और अमेरिका को भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है। भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाएं, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) और तैयार फॉर्मूलेशन सप्लाई करता है।

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कॉमर्स डिपार्टमेंट के अनुसार, यह टैरिफ सिस्टम जेनेरिक दवाओं और उनसे जुड़ी कई सामग्रियों पर लागू नहीं होगा। यही वजह है कि भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए इस फैसले को अहम माना जा रहा है।

फार्मा कंपनियों के लिए रणनीतिक राहत

जानकारों का मानना ​​है कि इस सीमित छूट से भारतीय कंपनियों को महंगी दवाओं और एडवांस्ड थेरेपी वाली दवाओं के एक्सपोर्ट में मदद मिल सकती है। हालांकि, अमेरिका घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपनी टैरिफ नीतियों में बदलाव करता रह सकता है। हालांकि यह राहत निश्चित रूप से भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन भविष्य में भी अमेरिका की व्यापार नीतियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  28 September 2026, 12:36 PM IST

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