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सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Source: Pinterest )
Lucknow: उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक मदद देने के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए महिलाओं को 20 हजार रुपये देने की चर्चा को ‘एक और जुमला’ बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा सरकार पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए 10 साल का हिसाब भी पेश किया।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक मदद देने की बात की जा रही है, जबकि पिछले 10 वर्षों में भी महिलाओं को यह राशि दी जा सकती थी।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब ऐसे वादों को लेकर सवाल पूछ रही हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणाओं का भी जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में 50 हजार रुपये सालाना की राशि का गणित सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को हर साल 50 हजार रुपये दिए जाते तो 10 वर्षों में यह रकम 5 लाख रुपये होती।
इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि अब 20 हजार रुपये देने की बात महिलाओं के अधिकार की पूरी रकम के मुकाबले बेहद कम है। उनके मुताबिक 20 हजार रुपये, 5 लाख रुपये का केवल 4 प्रतिशत है और इसी गणित के आधार पर उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के हिस्से का 96 प्रतिशत रोकने का आरोप लगाया।
समाचार : भाजपा का एक और जुमला यूपी की महिलाओं को देंगे 20000
विचार : भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है। वो भी भाजपा की पाप की कमाई है, जिसे उप्र की धर्म भीरू महिलाएं कभी नहीं लेंगी। उप्र की जागरूक महिलाएं पूछ रही हैं जिन दूसरे राज्यों में महिलाओं को…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 13, 2026
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में कहा कि अगर 15 लाख रुपये के पुराने चुनावी वादे को अलग भी कर दिया जाए और भाजपा चुनाव में 20 हजार रुपये दे भी दे, तब भी उनके हिसाब से जनता का सरकार पर 4 लाख 80 हजार रुपये का बकाया रहेगा।
अखिलेश यादव ने इसी गणित के जरिए भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी वादे से जोड़कर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में उन दूसरे राज्यों का भी जिक्र किया, जहां महिलाओं को पैसे देने की घोषणा के जरिए चुनाव जीतने का आरोप उन्होंने भाजपा पर लगाया। उन्होंने दावा किया कि वहां अब एक तरफ पैसे देने में आनाकानी की जा रही है, जबकि दूसरी तरफ महिलाओं से पैसे वापस मांगे जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पैसे वापस न कर पाने वाली महिलाओं के खिलाफ पुलिस और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अपने पोस्ट के आखिर में अखिलेश यादव ने कहा कि वे 40 हजार रुपये से शुरुआत करेंगे और इसमें हर साल ‘बढ़ोतरी’ होगी। उनके इस बयान को आगामी चुनावी राजनीति और महिलाओं के बीच आर्थिक योजनाओं को लेकर सियासी मुकाबले से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव के इस हमले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिलाओं को आर्थिक मदद देने और चुनावी वादों को लेकर बहस और तेज होने के आसार हैं।
Location : Lucknow
Published : 13 August 2026, 1:13 PM IST
Topics : bjp uttar pradesh Women Scheme