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डीके शिवकुमार (Img- Internet)
Bengaluru: कर्नाटक की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार 3 जून 2026 को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। कनकपुरा की धरती से निकलकर राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और जनसंपर्क की मिसाल माना जा रहा है। उनके मुख्यमंत्री बनने से समर्थकों और क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है।
डीके शिवकुमार का जन्म कर्नाटक के कनकपुरा स्थित एक समृद्ध और प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनका बचपन इसी क्षेत्र में बीता और उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा भी यहीं प्राप्त की। जिस प्राथमिक विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की थी, वह आज एक बस स्टैंड के रूप में विकसित हो चुका है। छह वर्ष की आयु में वह आगे की शिक्षा के लिए बेंगलुरु चले गए, जहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
शिवकुमार के परिवार की एक अनूठी परंपरा रही है। परिवार की कुलदेवी केणकेरम्मा के सम्मान में बेटियों का नाम 'केम्पम्मा' और बेटों का नाम 'केम्पेगौड़ा' रखा जाता है। इसी परंपरा के तहत उनका जन्म नाम 'केम्पाराजू' रखा गया था। बाद में उनकी मां द्वारा भगवान शिव से मांगी गई एक मन्नत पूरी होने पर उनका नाम बदलकर 'शिवकुमार' रख दिया गया। यही नाम आगे चलकर कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा चेहरा बन गया।
राजनीति के प्रति उनका लगाव बचपन से ही था। बताया जाता है कि छठी कक्षा में ही उन्होंने नेता बनने का सपना देख लिया था। वर्ष 1989 में महज 27 वर्ष की आयु में उन्होंने पहली बार साथानुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने लगातार राजनीतिक सफलता हासिल की और अब तक आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं। वह विभिन्न सरकारों में चार बार महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
राजनीति के अलावा डीके शिवकुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने स्कूलों के लिए भूमि दान की और कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना में योगदान दिया। वर्तमान में उनकी बेटी ऐश्वर्या इस सामाजिक और शैक्षणिक कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। इससे क्षेत्र में शिक्षा के विकास को नई दिशा मिली है।
डीके शिवकुमार अपनी कुलदेवी केणकेरम्मा के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या चुनाव से पहले वह मंदिर में पूजा-अर्चना करना नहीं भूलते। स्थानीय पुजारियों के अनुसार वह अपना नामांकन पत्र भी सबसे पहले देवी के चरणों में अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री बनने की खबर से कनकपुरा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। क्षेत्रभर में उनके स्वागत के लिए बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। एक छोटे से कस्बे के छात्र से मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
Location : Bengaluru
Published : 2 June 2026, 8:30 AM IST