अंकिता भंडारी केस में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखी चिट्ठी, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए सवाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को चिट्ठी लिखकर बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की मांग की है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 15 October 2026, 8:14 PM IST
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New Delhi: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी ने मांग की है कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और अंकिता मामले की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार ग्रहण करने से रोका जाए। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि 19 साल की अंकिता भंडारी ने एक वीआईपी के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई।

चार साल बाद भी वीआईपी को लेकर सवाल

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि चार साल बाद भी सीबीआई जांच की धीमी रफ्तार के चलते यह सवाल बना हुआ है कि आखिर वह वीआईपी कौन था। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम को इस मामले से जुड़ा मानते हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति से वह हैरान हैं।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए दुष्यंत गौतम के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस नियुक्ति की सलाह देकर उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता की कमी दिखाई है।

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सरकार को नियुक्ति पर फिर से विचार करने की सलाह देने की अपील की। उनका कहना है कि ऐसा कदम अंकिता के माता-पिता की इंसाफ की उम्मीद को टूटने से बचाने के लिए जरूरी है।

इंडिया गेट पर धरने में पहुंचे थे राहुल-प्रियंका

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता ने 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया था। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनके समर्थन में पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को घेरा

इस पूरे मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उत्तरकाशी के बरनीगाड़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अंकिता के मामले में सरकार की पूरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर जांच कराने का फैसला ले चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय में सरकार की मजबूत पैरवी के कारण दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज हुई हैं।

सीएम धामी ने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और सभी दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

Location :  New Delhi

Published :  15 October 2026, 8:14 PM IST

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