Supreme Court: सबरीमाला मामले की समीक्षा सुनवाई, 9 जजों की पीठ करेगी महिलाओं के प्रवेश पर विचार; पढ़ें पूरी खबर

सुप्रीम कोर्ट ने आज से सबरीमाला मंदिर मामले की समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ महिलाओं के मंदिर प्रवेश और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक मुद्दों पर विचार करेगी। सुनवाई का समयबद्ध कार्यक्रम तय किया गया है और अदालत ने पक्षकारों को अतिरिक्त समय न देने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 7 April 2026, 12:16 PM IST
google-preferred

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार से केरल के सबरीमाला मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश और भेदभाव से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। इसके लिए 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ का औपचारिक गठन किया गया है। पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (CJI) धर्मेंद्र सूर्यकांत कर रहे हैं, साथ ही इसमें न्यायमूर्ति बी.वी. नागरथना, एम.एम. सुंदरश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ए.जी. मसिह, प्रसन्न बी. वराले, आर. महादेवन और जोयमलया बागची शामिल हैं।

इस मामले में 2018 के फैसले की समीक्षा की जाएगी, जिसमें महिलाओं को सभी आयु वर्ग के लिए भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। पीठ 7 महत्वपूर्ण कानूनी सवालों की पहचान कर चुकी है और सभी पक्षों को समयबद्ध तरीके से अपने तर्क और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।

West Bengal Suicide Case: दस्तावेज सही थे, अपील भी की थी… फिर ऐसा क्या हुआ कि अनारुल शेख को चुननी पड़ी मौत?

समयबद्ध सुनवाई और अतिरिक्त समय पर रोक

सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करना होगा। अदालत ने कहा कि अन्य संवेदनशील मामले भी लंबित हैं, इसलिए किसी को अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। इसके अनुसार, समीक्षा याचिकाओं का समर्थन करने वाले पक्षों की दलीलें 7 से 9 अप्रैल तक सुनी जाएंगी। विरोध पक्ष की दलीलें 14 से 16 अप्रैल तक पेश होंगी। यदि कोई जवाबी दलीलें हों, तो उन्हें 21 अप्रैल को सुना जाएगा और एमिकस क्यूरी द्वारा अंतिम दलीलें 22 अप्रैल तक पूरी हो जाएंगी।

सभी पक्षों को पहले से लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इससे अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सुनवाई तेज और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर जल्दी फैसला लिया जा सके।

Assembly Elections 2026: इन तीन राज्यों में थमेगा चुनावी शोर, आखिरी 48 घंटे तय करेंगे किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज

सबरीमाला के अलावा अन्य धार्मिक स्वतंत्रता मुद्दे

सबरीमाला समीक्षा के साथ-साथ शीर्ष अदालत अनुच्छेद 25 के तहत अन्य धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक सवालों की भी जांच करेगी। इनमें मस्जिदों और दरगाहों में मुस्लिम महिलाओं का प्रवेश, अंतरधार्मिक विवाह के बाद पारसी महिलाओं का अग्नि मंदिरों में प्रवेश, बहिष्कृत करने की प्रथाओं की वैधता और दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला जननांग विकृति की कानूनी वैधता जैसे मुद्दे शामिल हैं।

Location :  New Delhi

Published :  7 April 2026, 12:16 PM IST

Advertisement