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महाव नाला टूटने से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति (फोटो: डाइनामाइट न्यूज़)
महराजगंज: नौतनवा तहसील क्षेत्र में महाव पहाड़ी नाले का तटबंध एक बार फिर बारिश का दबाव नहीं झेल सका। गुरुवार दोपहर करीब 2:10 बजे बरगदवा गांव निवासी शंकर के खेत के सामने महाव नाले का पूर्वी तटबंध करीब 10 मीटर तक टूट गया। तटबंध टूटते ही उफनते नाले का पानी तेजी से खेतों में फैल गया और देखते ही देखते करीब 50 एकड़ में रोपी गई धान की फसल जलमग्न हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए और किसानों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम से ही महाव नाले का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। गुरुवार सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण पानी का दबाव और बढ़ गया। दोपहर होते-होते तटबंध जवाब दे गया और भारी मात्रा में पानी खेतों में घुस गया।
तटबंध टूटने से छोटाई गुप्ता, कमलेश यादव, रविंद्र यादव, सुदामा यादव, समसुल हुदा, रामचंदर यादव, पृथ्वी यादव, चीनक समेत दर्जनों किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि अभी कुछ ही दिन पहले उन्होंने धान की रोपाई पूरी की थी, लेकिन एक झटके में उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई।
15 साल में 50 से ज्यादा बार टूटा तटबंध, फिर भी नहीं निकला स्थायी समाधान
महाव तटबंध का टूटना अब नई बात नहीं रह गई है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 वर्षों में महाव का तटबंध 50 से अधिक स्थानों पर टूट चुका है। हर वर्ष सिंचाई विभाग मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन पहली ही तेज बारिश में तटबंध ध्वस्त हो जाता है। ऐसे में विभाग की कार्यशैली और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त में देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोला के सामने भी महाव का पूर्वी तटबंध टूट गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ था। इसके बावजूद विभाग ने स्थायी सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई।
डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार अधिकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध टूटने के करीब डेढ़ घंटे बाद तक न तो कोई जनप्रतिनिधि और न ही सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। इससे किसानों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर साल नुकसान झेलने के बाद भी प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है।
किसानों ने उठाई जांच और मुआवजे की मांग
घटना के बाद किसानों ने तटबंध निर्माण और मरम्मत कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई करने, फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा महाव तटबंध को स्थायी रूप से मजबूत बनाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर वर्ष हजारों किसानों की मेहनत इसी तरह पानी में बहती रहेगी।
Location : Maharajganj
Published : 9 July 2026, 5:47 PM IST