साहब मैं भूत नहीं, जिंदा हूं… महराजगंज के सरकारी सिस्टम ने जीते-जी मार डाला; अब लाठी टेक मांग रहे जीने का सबूत

महराजगंज जिले में सरकारी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी रिकॉर्ड में दो जीवित बुजुर्गों को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई और अब उन्हें अधिकारियों के सामने खुद के जिंदा होने का प्रमाण देना पड़ रहा है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 9 July 2026, 3:23 PM IST
google-preferred

Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर क्षेत्र में सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी अभिलेखों में दो जीवित बुजुर्गों को मृत दर्ज कर दिया गया, जिसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। अब दोनों बुजुर्ग अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

पेंशन बंद होने पर सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि दोनों बुजुर्गों को कई महीनों से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही थी। जब उन्होंने इसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, तब उन्हें पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। यह जानकारी सुनकर परिवार के लोग और गांव वाले भी हैरान रह गए।

Maharajganj: पुलिसकर्मियों पर किशोर को पीटने का आरोप, परिजनों ने क्षेत्राधिकारी से लगाई न्याय की गुहार

अधिकारियों के सामने देना पड़ रहा जिंदा होने का सबूत

सबसे हैरानी की बात यह है कि दोनों बुजुर्ग अब अधिकारियों के सामने यह साबित करने में जुटे हैं कि वे जीवित हैं। एक बुजुर्ग ने अधिकारियों से कहा, "साहब! अभी जिंदा हूं, लाठी लेकर चलता हूं।" उनका यह बयान सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।

परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी

इस मामले के सामने आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिना सही जांच-पड़ताल के किसी व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर देना बेहद गंभीर मामला है। इससे जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी रुक जाता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने और दोनों बुजुर्गों की पेंशन जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है।

Maharajganj: जाम ने फिर रोकी निचलौल की रफ्तार! घंटों फंसे रहे लोग, मुख्य तिराहे पर रेंगती रही ट्रैफिक व्यवस्था

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह गलती सामने नहीं आती, तो दोनों बुजुर्ग लंबे समय तक सरकारी सहायता से वंचित रह जाते। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की तैयारी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद दोनों बुजुर्गों की पेंशन दोबारा शुरू की जाएगी और रिकॉर्ड में हुई गलती को सुधारा जाएगा।

Location :  Maharajganj

Published :  9 July 2026, 3:23 PM IST

Advertisement