हिंदी
सड़को पर भरा पानी (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Bareilly: बरेली जिले में मानसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में बारिश का दौर तेजी से शुरू हो गया है। मंगलवार रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश का सिलसिला बुधवार को पूरे दिन रुक-रुककर चलता रहा। वहीं, देर शाम करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। राहत और आफत की यह बारिश गुरुवार सुबह भी थमी नहीं; आसमान में घने काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर फुहारें गिरती रहीं। मौसम विभाग ने बीते 24 घंटों में कुल 31.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले दो दिनों का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जहां भी मानसूनी परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी, वहां अचानक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
Weather Update: Delhi-NCR में झमाझम बारिश, IMD का रेड अलर्ट जारी; जानें अगले कुछ दिनों का मौसम
बुधवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में खंडवर्षा (रुक-रुककर कुछ हिस्सों में बारिश) का नजारा देखने को मिला। दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप जरूर खिली, लेकिन हवा में भारी नमी होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते शहर के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह सामान्य से तीन डिग्री कम यानी 32.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम तक मुख्य शहर में 12.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। अगर पूरे जिले की बात करें तो बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश बहेड़ी में हुई।
बहेड़ी: 28 मिमी
आंवला: 21.4 मिमी
फरीदपुर: 14 मिमी
नवाबगंज: 5 मिमी
मीरगंज: 2.5 मिमी
मानसून की इस पहली जोरदार बारिश ने नगर निगम के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी, जिसमें मानसून से पहले मुस्तैदी की बात कही जा रही थी। स्थिति यह रही कि शहर के निचले इलाकों के साथ-साथ कई पॉश कॉलोनियां भी पूरी तरह पानी में डूब गईं। मुख्य सड़कों पर करीब दो-दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे यातायात बुरी तरह ठप हो गया। वाहन चालकों को घंटों लंबे जाम से जूझना पड़ा और कई गाड़ियां पानी के बीच ही बंद हो गईं।
इस अव्यवस्था के बीच सिकलापुर इलाके से एक दिलचस्प लेकिन प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती तस्वीर सामने आई, जहां बच्चे जलभराव के बीच थर्माकोल की नाव चलाते दिखे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि प्रशासन ने बारिश से पहले नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत में केवल कागजी या औपचारिक सफाई ही की गई।
जलभराव का सबसे दर्दनाक असर हजियापुर स्थित नारी निकेतन में देखने को मिला। संस्था का पूरा परिसर और अंदरूनी हिस्सा जलमग्न हो गया है, जिससे वहां रह रही महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नारी निकेतन के अधीक्षक ने बताया कि परिसर के मुख्य द्वार पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आना-जाना पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति इतनी बदतर है कि महिलाओं को तख्त के ऊपर बैठकर खाना पकाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता को अगले दो दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गाइडलाइन के अनुसार, लोगों को बिना किसी जरूरी काम के खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है। इसके अलावा, जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी न ले जाने और बिजली कड़कने (गरज-चमक) के दौरान किसी सुरक्षित पक्के ठिकाने पर ही शरण लेने की अपील की गई है।
Location : Bareilly
Published : 9 July 2026, 2:05 PM IST