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ममता के कई करीबी भाजपा में हुए शामिल (फोटो: AI)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने और मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने के बाद भी ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी का सियासी संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरूवार को ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा। राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले सुष्मिता देव और प्रकाश चिक भाजपा में शामिल हो गये हैं।
सुष्मिता देव और प्रकाश चिक के अलावा ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक के अलावा सुखेंदु शेखर रॉय ने बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। सुखेंदु शेखर रॉय ने सभी नेताओं का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया।
पार्टी में शामिल होने के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक राजनीतिक टकराव की राजनीति का केंद्र बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पहले वामपंथी सरकार और बाद में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने केंद्र के साथ सहयोग की जगह टकराव की नीति अपनाई, जिससे विकास प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास की नीतियों से प्रभावित होकर इन नेताओं ने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। भट्टाचार्य ने कहा कि सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक और सुखेंदु शेखर रॉय अनुभवी और प्रभावशाली नेता हैं, जिनका संसदीय अनुभव पार्टी को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
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सुष्मिता देव देश की जानी-मानी महिला नेता और वरिष्ठ वकील हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी और बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। संसद में उन्हें एक प्रभावशाली वक्ता के रूप में जाना जाता रहा है। लोकसभा सदस्य के रूप में उन्होंने महिलाओं के अधिकार, नागरिकता से जुड़े मुद्दों और सामाजिक विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाई थी। जून 2026 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। अब उन्होंने भाजपा में शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर की नई शुरुआत की है।
प्रकाश चिक बड़ाइक उत्तर बंगाल के आदिवासी समाज और चाय बागान क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं। उन्होंने श्रमिक राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में तृणमूल कांग्रेस के माध्यम से राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाई। वर्ष 2023 में वह राज्यसभा सांसद बने और बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून 2026 में उन्होंने पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें उत्तर बंगाल और आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सुखेंदु शेखर रॉय तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वह लंबे समय तक राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संसद में उनकी कानूनी समझ और गंभीर बहसों के लिए उन्हें अलग पहचान मिली थी। उन्होंने वित्त, गृह और रक्षा मामलों से जुड़ी संसदीय समितियों में भी काम किया है। वर्ष 2011 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे रॉय को बाद में दोबारा भी सदन में भेजा गया। जून 2026 में उन्होंने पार्टी से दूरी बनाते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तीन नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। खासकर उत्तर बंगाल, चाय बागान क्षेत्रों और शहरी मतदाताओं के बीच इसका असर देखने को मिल सकता है। भाजपा इसे अपने संगठन के विस्तार और मजबूती के रूप में देख रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए इसे एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
Location : Kolkata
Published : 9 July 2026, 6:32 PM IST
Topics : Mamata Banerjee Prakash Chik Baraik joins BJP Sushmita Dev joins BJP TMC Crisis West Bengal Assembly Election defeat