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देवघर में बाबा के दर्शन करने पहुंचे रघुवर दास (IMG: Dynamite News)
Deoghar: झारखंड की बाबा बैद्यनाथ नगरी में इन दिनों वीआईपी और राजनीतिक हस्तियों की आवाजाही चर्चा में है। सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मंगलवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास देवघर पहुंचे। उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के दरबार में माथा टेककर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
हालांकि, मंदिर में दर्शन के बाद उनका राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। रघुवर दास ने देश में सक्रिय राष्ट्रविरोधी और असुरी शक्तियों का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि आध्यात्मिक भारत में आखिर ऐसी कौन-सी शक्तियां हैं, जो अराजकता फैलाना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए देश के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास की बात कही।
मंगलवार को रघुवर दास बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गर्भगृह में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। दर्शन के दौरान उन्होंने देश और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। उनकी मंदिर यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी उत्सुकता देखने को मिली। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। देवघर में लगातार दूसरे दिन राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख हस्तियों के बाबा मंदिर पहुंचने से यह दौरा भी चर्चा में रहा।
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बाबा बैद्यनाथ की पूजा के बाद रघुवर दास ने देश की मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रविरोधी और असुरी शक्तियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक भारत में ऐसी कौन-सी शक्तियां हैं, जो अराजकता फैलाना चाहती हैं। उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से ऐसी शक्तियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब देश में राष्ट्रीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चाओं में बने हुए हैं।
रघुवर दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने देश की आध्यात्मिक विरासत और धार्मिक स्थलों के विकास की बात कही। उन्होंने काशी कॉरिडोर से लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक का जिक्र करते हुए धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों को मिल रही नई पहचान की चर्चा की। उनके बयान का मुख्य जोर देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर रहा। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का महत्व बढ़ा है।
देवघर में सोमवार और मंगलवार को लगातार दो दिनों तक राष्ट्रीय और राजनीतिक स्तर की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी देखने को मिली। सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इसके अगले दिन मंगलवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने बाबा मंदिर में दर्शन किए। लगातार दो दिनों तक इन प्रमुख हस्तियों के आगमन से देवघर का बाबा मंदिर चर्चा में रहा।
मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद रघुवर दास के बयान को लेकर अब उनकी प्रेस वार्ता का इंतजार किया जा रहा है। दोपहर बाद प्रस्तावित प्रेस वार्ता में उनके देश की मौजूदा परिस्थितियों, राजनीतिक मुद्दों और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को लेकर विस्तार से अपनी बात रखने की संभावना है। फिलहाल देवघर में उनके दौरे के दौरान दिए गए राष्ट्रविरोधी और असुरी शक्तियों से जुड़े बयान की चर्चा हो रही है।
Location : Deoghar
Published : 3 November 2026, 2:00 PM IST