हिंदी
आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए। इसके जवाब में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी समेत कई नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला है।
सीएम भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर साधा निशाना
New Delhi: आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने वीडियो बयान जारी कर अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े कर दिए। उनके इस बयान के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी और अपने ही सांसद पर तीखा हमला बोल दिया। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
भगवंत मान बोले- ‘Compromised’ हो चुके हैं राघव
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राघव चड्ढा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में संसदीय बोर्ड के नेताओं का बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 से 2019 के बीच उन्होंने भी डॉ. धर्मवीर गांधी की जगह ली थी।
भगवंत मान ने कहा कि कई गंभीर मुद्दों पर पार्टी अपने सांसदों से उम्मीद करती है कि वे सदन में आवाज उठाएं या वॉकआउट करें। अगर कोई सांसद ऐसा नहीं करता तो यह पार्टी व्हिप का उल्लंघन माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाने या गुजरात में AAP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे मुद्दे उठाने की जरूरत थी, तब राघव चड्ढा ने संसद की कैंटीन में समोसे महंगे होने और पिज्जा की डिलीवरी में देरी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वह अब कम्प्रोमाइज्ड हो चुके हैं।”
आतिशी का आरोप- ‘पीएम मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं’
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से डरते हैं और कई अहम मुद्दों पर पीछे हट जाते हैं। आतिशी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए टीएमसी द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर राघव चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, जब विपक्ष ने इस मुद्दे पर वॉकआउट किया, तब भी वह सदन में बैठे रहे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने संसद में एलपीजी संकट का मुद्दा उठाने से भी इनकार कर दिया था। आतिशी ने कहा कि अगर उन्हें आम लोगों की चिंता होती तो वह इस मुद्दे पर जरूर आवाज उठाते।
AAP नेताओं के निशाने पर आए राघव चड्ढा
आतिशी ने यह भी कहा कि पार्टी में पदों पर बदलाव एक प्रक्रिया के तहत होता है और यह किसी व्यक्तिगत रिश्ते या दोस्ती का मामला नहीं है। उनका कहना था कि असली सवाल यह है कि लोकतंत्र पर हमलों के खिलाफ कौन मजबूती से खड़ा होता है। गौरतलब है कि भगवंत मान और आतिशी से पहले सौरभ भारद्वाज और संजय सिंहजैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी राघव चड्ढा पर हमला बोला था। ऐसे में माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के भीतर यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराता दिखाई दे सकता है।