Dowry Case: दहेज की काली परछाईं, नोएडा और भोपाल की बेटी की अनकही दास्तान

नोएडा की दीपिका और भोपाल की ट्विशा जैसी पढ़ी-लिखी लड़कियों की मौत ने फिर से दहेज की क्रूर प्रथा उजागर की। शहर और ग्रामीण इलाक़ों में महिलाओं को दहेज के दबाव, प्रताड़ना और हिंसा का सामना करना पड़ता है। यह सामाजिक बुराई आज भी उनके जीवन को खतरे में डाल रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 May 2026, 3:56 PM IST
google-preferred

New Delhi: कुछ कहानियां इतनी कड़वी होती हैं कि शब्द भी उन्हें समेट नहीं पाते। हाल ही में नोएडा और भोपाल से ऐसी ही दो कहानियां सामने आई हैं। पढ़ी-लिखी, अपने सपनों के साथ बड़ी हुई लड़कियां दीपिका और ट्विशा अपने घर की खुशियों की तलाश में निकलीं, लेकिन दहेज की मांग ने उनकी ज़िंदगी के सपनों को निगल लिया।

नोएडा की दीपिका की दर्दभरी कहानी

कहानी जलपुरा गांव से शुरू होती है। जहां 24 वर्षीय दीपिका नागर, पोस्ट ग्रेजुएट थी और बड़े सपनों के साथ शादी के बंधन में बंधी। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने उसकी जिंदगी ही खत्म कर दी। परिजनों के अनुसार, शादी में पर्याप्त दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें कम नहीं हुईं। फॉर्च्यूनर कार और लाखों रुपए की मांग ने उसके सपनों पर कालिख पोत दी।

एक दिन दीपिका की जिंदगी में एक रात ऐसी भी आएगी जो उसकी कहानी बदल कर रख देगी। यह खुद दीपिका को भी नहीं मालूम होगा। 17 मई की रात ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। जब खबर सामने आई की दीपिका की मौत हो गई है। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना, लेकिन परिवार का दावा है कि यह हत्या थी। शव में चोटों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं।

भोपाल की ट्विशा की दिल दहला देने वाली कहानी

भोपाल की ट्विशा शर्मा, 33 साल की वकील समर्थ सिंह की पत्नी, अपने नए जीवन की शुरुआत में ही दहेज के दबाव में फंस गई। परिवार के अनुसार, उस पर लगातार सोना और नकद की मांग की जाती थी। 12 मई की रात उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है और आरोपी पति फरार है।

ट्विशा और दीपिका की मौत पर कंगना रनौत का छलका दर्द, शादीशुदा महिलाओं की असुरक्षा पर लिखा भावुक नोट

आखिर कब तब स्त्री धन की जाल में फसकी रहेंगी महिलाएं 

इन शहरों की घटनाएं ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाक़ों से भी रोज़ाना ऐसी खबरें आती हैं। वाराणसी, चित्रकूट, कौशांबी और सहारनपुर इन जगहों में भी दहेज के चलते कई लड़कियों की जिंदगी खतरे में है। हर दूसरे तीसरे दिन दहेज की इस क्रूर प्रथा में महिलाओं को जलना पड़ रहा है।

दहेज की बलि चढ़ी दीपिका नागर, मौत के बाद ससुराल पर लगा ताला; देखें फोटोज

दहेज की परंपरा सिर्फ़ व्यक्तिगत दर्द नहीं बल्कि समाज की बुराई बन चुकी है। हर घटना यह याद दिलाती है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद, हमारी लड़कियां आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं।

Location :  New Delhi

Published :  20 May 2026, 3:55 PM IST

Related News

Advertisement