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नोएडा और भोपाल की लड़कियों की अनकही दास्तान (Img: Google)
New Delhi: कुछ कहानियां इतनी कड़वी होती हैं कि शब्द भी उन्हें समेट नहीं पाते। हाल ही में नोएडा और भोपाल से ऐसी ही दो कहानियां सामने आई हैं। पढ़ी-लिखी, अपने सपनों के साथ बड़ी हुई लड़कियां दीपिका और ट्विशा अपने घर की खुशियों की तलाश में निकलीं, लेकिन दहेज की मांग ने उनकी ज़िंदगी के सपनों को निगल लिया।
कहानी जलपुरा गांव से शुरू होती है। जहां 24 वर्षीय दीपिका नागर, पोस्ट ग्रेजुएट थी और बड़े सपनों के साथ शादी के बंधन में बंधी। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने उसकी जिंदगी ही खत्म कर दी। परिजनों के अनुसार, शादी में पर्याप्त दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें कम नहीं हुईं। फॉर्च्यूनर कार और लाखों रुपए की मांग ने उसके सपनों पर कालिख पोत दी।
एक दिन दीपिका की जिंदगी में एक रात ऐसी भी आएगी जो उसकी कहानी बदल कर रख देगी। यह खुद दीपिका को भी नहीं मालूम होगा। 17 मई की रात ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया। जब खबर सामने आई की दीपिका की मौत हो गई है। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना, लेकिन परिवार का दावा है कि यह हत्या थी। शव में चोटों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं।
भोपाल की ट्विशा शर्मा, 33 साल की वकील समर्थ सिंह की पत्नी, अपने नए जीवन की शुरुआत में ही दहेज के दबाव में फंस गई। परिवार के अनुसार, उस पर लगातार सोना और नकद की मांग की जाती थी। 12 मई की रात उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है और आरोपी पति फरार है।
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इन शहरों की घटनाएं ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाक़ों से भी रोज़ाना ऐसी खबरें आती हैं। वाराणसी, चित्रकूट, कौशांबी और सहारनपुर इन जगहों में भी दहेज के चलते कई लड़कियों की जिंदगी खतरे में है। हर दूसरे तीसरे दिन दहेज की इस क्रूर प्रथा में महिलाओं को जलना पड़ रहा है।
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दहेज की परंपरा सिर्फ़ व्यक्तिगत दर्द नहीं बल्कि समाज की बुराई बन चुकी है। हर घटना यह याद दिलाती है कि शिक्षा और जागरूकता के बावजूद, हमारी लड़कियां आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
Location : New Delhi
Published : 20 May 2026, 3:55 PM IST