“सांवला रंग बना जुर्म का बहाना”… आगरा में दहेज के नाम पर हैवानियत! महिला से मारपीट

आगरा के सदर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि रंग सांवला होने का ताना देकर उनसे एक लाख रुपये और कार की मांग की जा रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 April 2026, 2:32 PM IST
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Agra: शादी का सपना, नए जीवन की उम्मीद और खुशहाल भविष्य की तस्वीर लेकिन आगरा में एक महिला के लिए यही रिश्ता दर्द और प्रताड़ना की कहानी बन गया। सदर थाना क्षेत्र में दहेज की मांग और घरेलू हिंसा का ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। आरोप है कि शादी के बाद महिला को न सिर्फ ताने दिए गए, बल्कि कई बार जान से मारने की कोशिश भी की गई।

शादी के बाद शुरू हुआ तनाव

पीड़िता गुंजन ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनका विवाह 12 मई 2025 को लखनऊ निवासी मुनेंद्र सिंह के साथ हुआ था। यह मुनेंद्र का दूसरा विवाह था। शादी में परिवार ने करीब चार लाख रुपये नकद और छह लाख रुपये का सामान दहेज के रूप में दिया था। लेकिन शादी के कुछ ही समय बाद हालात बदलने लगे। गुंजन का आरोप है कि ससुराल पहुंचते ही उन्हें उनके सांवले रंग को लेकर ताने दिए जाने लगे। धीरे-धीरे यह ताने मानसिक प्रताड़ना में बदल गए और दहेज की मांग शुरू हो गई।

दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना

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महिला का आरोप है कि पति मुनेंद्र सिंह, सास शकुंतला देवी, देवर अरविंद और यतेंद्र, और ननद कुसुमलता, सुषमा व पूजा ने मिलकर उन्हें लगातार परेशान किया। उनसे अतिरिक्त दहेज के रूप में एक लाख रुपये और कार की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद किया जाता और उन्हें अपमानित किया जाता था। पीड़िता का कहना है कि यह सब एक सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था ताकि उन्हें दबाव में रखा जा सके।

जानलेवा हमले का गंभीर आरोप

पीड़िता ने अपने बयान में सबसे गंभीर आरोप 24 अगस्त 2025 की घटना को लेकर लगाया है। उनका कहना है कि उस दिन लखनऊ में उनके साथ मारपीट की गई और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। इसी दौरान उनके जेवर भी छीन लिए गए। इसके बाद भी उत्पीड़न जारी रहा। करवाचौथ जैसे त्योहार पर भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे साफ है कि उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा जा रहा था।

मायके में रह रही हैं पीड़िता

पीड़िता ने बताया कि 13 अक्टूबर 2025 को पुलिस की मदद से उनके परिजनों ने उन्हें ससुराल से बाहर निकाला। इसके बाद से वह अपने मायके में रह रही हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

पुलिस कार्रवाई शुरू

सदर थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Agra

Published :  19 April 2026, 2:32 PM IST

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