महंगाई की चौतरफा मार! मैदा, तेल के बाद अब मुंबई में पाव भी हुआ महंगा, स्ट्रीट फूड लवर्स की ढीली होगी जेब

मुंबई की बेकरियों ने पाव की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। एक पाव अब ₹3 की जगह ₹4 का मिलेगा, वहीं 12 पीस के पैकेट पर सीधे ₹10 बढ़ गए हैं। इससे अब मुंबईकरों का पसंदीदा वड़ा पाव और पाव भाजी भी महंगा होने जा रहा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 20 May 2026, 3:40 PM IST
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Mumbai: मुंबई की पहचान और यहां के आम आदमी की लाइफलाइन माना जाने वाला वड़ा पाव और पाव भाजी अब महंगे होने जा रहे हैं। मुंबई की स्थानीय बेकरियों ने ब्रेड और पाव की कीमतों में सीधे तौर पर एक बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इस फैसले का सीधा और व्यापक असर मुंबईकरों की जेब के साथ-साथ उनके सुबह-शाम के नाश्ते के बजट पर पड़ने वाला है। आर्थिक राजधानी में रहने वाले मध्यमवर्गीय और कामकाजी लोगों के लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

12 पाव के पैकेट पर सीधे 10 रुपये की बढ़ोतरी

मुंबई की स्थानीय बेकरियों द्वारा बढ़ाए गए दामों को अगर आसान शब्दों में समझें तो यह इजाफा काफी बड़ा है। अब तक जो एक पाव ग्राहकों को 3 रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर 4 रुपये हो गई है। मुंबई में पाव अमूमन 'लादी' (12 पीस का पैकेट) के हिसाब से बिकता है। इस 12 पीस वाले पैकेट की कीमत में सीधे 10 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर की कई बेकरी और सप्लाई यूनिट्स ने नए दाम लागू भी कर दिए हैं। हालांकि यह बढ़ोतरी दिखने में मामूली लग सकती है, लेकिन जब बात मुंबई जैसे महानगर की हो जहां लाखों लोग रोजाना पाव आधारित खाद्य पदार्थ खाते हैं तो इसका असर बहुत व्यापक हो जाता है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पाव के दाम?

बेकरी मालिकों और थोक विक्रेताओं का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से बढ़ती उत्पादन लागत का बोझ खुद उठा रहे थे और कीमतें स्थिर रखी हुई थीं, लेकिन अब दरें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है। कीमतों के बढ़ने के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण सामने आए हैं:

1. मैदा और अन्य बुनियादी कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि।
2. कमर्शियल एलपीजी गैस और ईंधन की लगातार बढ़ती लागत।
3. पैकेजिंग सामग्री के महंगे होने का सीधा असर।
4. परिवहन खर्च (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) में बढ़ोतरी।
5. बिजली के बिल और बेकरी में काम करने वाले मजदूरों का बढ़ता खर्च।

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आम परिवार के बजट पर कैसे पड़ेगा असर?

पाव मुंबई के दैनिक जीवन का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है। मजदूर से लेकर कॉर्पोरेट कर्मचारी तक हर कोई कम खर्च में पेट भरने के लिए इस पर निर्भर रहता है। यदि मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में महीनेभर में औसतन 20 पैकेट (लादी) पाव की खपत होती है, तो अब उस परिवार को हर महीने ₹200 का अतिरिक्त बोझ उठाना होगा। रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीज़ पर ₹10 का एकमुश्त बढ़ना आम आदमी की जेब को सीधा झटका देता है।

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वड़ा पाव और पाव भाजी के शौकीनों की होगी जेब ढीली

इस महंगाई का असर सिर्फ घरों के किचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाहर का स्ट्रीट फूड पसंद करने वालों को भी बड़ा झटका लगेगा। वड़ा पाव, पाव भाजी, मिसल पाव और कीमा पाव बेचने वाले छोटे और बड़े दुकानदारों को अब बेकरियों से पाव महंगा मिलेगा। जब दुकानदारों की लागत बढ़ेगी, तो वे घाटा सहने के बजाय इसकी भरपाई वड़ा पाव और पाव भाजी की प्लेट की कीमतें बढ़ाकर करेंगे। एक वड़ा पाव विक्रेता के अनुसार, "तेल, आलू, गैस और अब पाव, सब कुछ महंगा हो गया है। ऐसे में पुराने दाम पर बेचना अब हमारे लिए मुमकिन नहीं रह गया है।" यानी आने वाले दिनों में आपकी पसंदीदा स्ट्रीट फूड प्लेट्स के दाम बढ़ना पूरी तरह तय है।

Location :  Mumbai

Published :  20 May 2026, 3:40 PM IST

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