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डिजिटल जनगणना बरेली नगर निगम के लिए मुसीबत फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज
Bareilly: बरेली देश की पहली डिजिटल जनगणना बरेली नगर निगम के लिए मुसीबत बन गई है। निगम ने करीब 2800 सफाई कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को जनगणना के काम में तैनात कर दिया। बुधवार को इस आदेश के खिलाफ सैकड़ों कर्मचारियों ने नगर निगम दफ्तर पर धावा बोल दिया। गुस्साए कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और ऐप बेस्ड ड्यूटी करने से साफ इनकार कर दिया।
‘न फोन चलाना आता, न ऐप समझ आता’
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि ज्यादातर साथी या तो अनपढ़ हैं या कक्षा 8 तक ही पढ़े हैं। स्मार्टफोन चलाना उनके लिए मुश्किल है। ऐसे में जनगणना के मोबाइल ऐप में दिन-रात जानकारी भरना संभव नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जबरन ड्यूटी थोपने से डेटा में गड़बड़ी होगी और इसका ठीकरा नगर निगम पर फूटेगा। उनकी मांग है कि इस तकनीकी काम के लिए सिर्फ शिक्षित स्टाफ को चुना जाए।
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‘भीषण लू में शहर में फैलेगी गंदगी’
कर्मचारियों का कहना है कि बरेली में पारा 45 डिग्री पार कर चुका है। ऐसे मौसम में सफाई और पानी की व्यवस्था सबसे जरूरी है। अगर सभी 2800 सफाईकर्मी जनगणना में चले गए तो घर-घर कूड़ा उठाने से लेकर नालों की सफाई तक सब बंद हो जाएगी। इससे गर्मी में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने का डर है।
‘स्टाफ कम है, इसलिए फैसला लिया’ : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने सफाई दी कि दूसरे विभागों में भी कर्मचारियों की भारी कमी है। राष्ट्रीय स्तर के इस काम को तय समय में निपटाने के लिए सफाई और टैक्स विभाग के लोगों को लगाना पड़ा। उन्होंने आश्वस्त किया कि पेयजल और सफाई जैसी जरूरी सेवाओं पर असर नहीं पड़ने देंगे। ज्यादातर कर्मियों को फिलहाल रिजर्व कैटेगरी में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर ही फील्ड ड्यूटी दी जाएगी, वरना वे सफाई के मूल काम में ही लगे रहेंगे।
Location : Bareilly
Published : 20 May 2026, 5:20 PM IST
Topics : bareilly news Latest News UP News