लखनऊ में सपा का ऑडिट रिपोर्ट : अखिलेश बोले- PDA आरक्षण की खुली डकैती, बीजेपी बराबरी का अधिकार चाहती है छीनना

लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने PDA आरक्षण ऑडिट रिपोर्ट जारी करते हुए योगी सरकार और बीजेपी पर आरक्षण में लूट, भेदभाव और साजिश के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नौकरी और भर्ती में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं और यह लड़ाई अब 5 प्रतिशत बनाम 95 प्रतिशत की हो गई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 20 May 2026, 2:52 PM IST
google-preferred

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में PDA आरक्षण ऑडिट रिपोर्ट जारी कर बीजेपी और योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला। राजनीतिक तौर पर बेहद आक्रामक अंदाज में दिखे अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आरक्षण के नाम पर खुली लूट चल रही है और सरकार योजनाबद्ध तरीके से पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हक को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सीधे आरक्षण खत्म नहीं कर पा रही है। इसलिए अब इनडायरेक्ट रास्ता अपनाकर नौकरी और भर्ती में आरक्षण को खत्म किया जा रहा है।

“PDA आरक्षण की खुली डकैती हो रही”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने PDA आरक्षण की लूट को लेकर एक विस्तृत डॉक्यूमेंट तैयार किया है। जिसमें लगातार नए आंकड़े और डेटा जोड़े जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि यह रिपोर्ट सरकार की पक्षपातपूर्ण नीतियों और आरक्षण व्यवस्था में हो रही अनियमितताओं को उजागर करती है। अखिलेश ने कहा कि अगर युवाओं और छात्रों को संविधान में मिले अधिकार लागू कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े तो समझ लेना चाहिए कि सरकार निष्पक्ष नहीं है।

उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार पक्षपाती होती है। वह विश्वासघाती भी होती है। अगर सरकार को बुलडोजर चलाना ही है तो उसे गैर-बराबरी, भेदभाव और आरक्षण की लूट पर चलाना चाहिए।

“2014 के बाद आरक्षण पर हमला शुरू हुआ”

सपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में आरक्षण इसलिए दिया था ताकि समाज के वंचित तबकों को बराबरी का मौका मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से बीजेपी सरकार का असली एजेंडा आरक्षण को कमजोर करना बन गया। अखिलेश ने कहा कि जो ताकतें पहले अंडरग्राउंड थीं, वो अब ओवरग्राउंड हो गई हैं और खुलकर आरक्षण विरोधी राजनीति कर रही हैं।

लाइसेंस कब मिलेगा साहब? 8 महीने से भटक रहे 18 हजार लोग, RTO से लेकर लखनऊ तक मामला अटका

उन्होंने कहा कि वंचित समाज को सिर्फ मजदूरी तक सीमित रखने की कोशिश हो रही है ताकि वर्चस्ववादी ताकतें दोबारा समाज पर कब्जा कर सकें। उनके मुताबिक भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण की अनदेखी कर PDA समाज के अधिकार छीने जा रहे हैं।

“आरक्षण भिक्षा नहीं, संवैधानिक अधिकार”

अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण किसी पर एहसान नहीं बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग वंचित समाज के लिए काम करते हैं, उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे बनवाने, लैपटॉप बांटने और रोजगार देने जैसे कामों के बावजूद समाजवादी विचारधारा को दबाने की कोशिश की गई।

Location :  Lucknow

Published :  20 May 2026, 2:25 PM IST

Advertisement