चंडीगढ़ भाजपा ऑफिस पर बम ब्लास्ट करने वाले आरोपियों की हुई पहचान, जानें हमले के बाद कैसे हुए थे गायब? CCTV ने खोली पूरी कहानी

चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीसीटीवी फुटेज और बस में हुए Google Pay ट्रांजेक्शन की मदद से आरोपियों की पहचान फतेहगढ़ साहिब के अमन और गुरतेज के रूप में हुई है। दोनों हमले के बाद एसी बस से खरड़ भाग निकले थे।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 April 2026, 4:29 PM IST
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Chandigarh: चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच में सामने आया है कि हमले के तुरंत बाद दोनों आरोपी बेहद चालाकी से मौके से फरार हो गए थे। लेकिन शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों और सीटीयू बस के कैमरों ने उनकी पूरी भागने की कहानी खोलकर रख दी। पुलिस के मुताबिक, हमले के महज दो मिनट के भीतर दोनों आरोपी सड़क पार कर सेक्टर-37/24 बस स्टॉप से सीटीयू की एसी बस में सवार हो गए और वहां से खरड़ की तरफ निकल गए।

फतेहगढ़ साहिब के अमन और गुरतेज निकले आरोपी

पुलिस जांच में दोनों हमलावरों की पहचान पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणो इलाके के गांव रतनगढ़ निवासी अमरप्रीत उर्फ अमन और गुरतेज के रूप में हुई है। बस में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी साफ तौर पर कैद हो गए। फुटेज में एक सरदार युवक दिखाई देता है जिसने चेहरे पर काला रूमाल बांध रखा था, जबकि दूसरा युवक वही बताया जा रहा है जिसने ग्रेनेड फेंका था। जांच की कमान संभाल रही एसएसपी कंवरदीप कौर खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं और आरोपियों के मूवमेंट को ट्रेस करते हुए पुलिस टीम खरड़ तक पहुंच गई है।

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हेलमेट से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वारदात के बाद सामने आए वीडियो में एक आरोपी के हाथ में हेलमेट दिखाई दिया था। शुरू में ऐसा लगा कि हमलावर बाइक पर आए होंगे, लेकिन जांच में पता चला कि यह पुलिस को गुमराह करने की चाल थी। दरअसल दोनों आरोपी पैदल ही मौके से भागे और बस में चढ़कर फरार हो गए।

Google Pay ट्रांजेक्शन से मिला अहम सुराग

पुलिस को जांच के दौरान एक और अहम क्लू मिला। खरड़ तक बस का किराया 40 रुपये था लेकिन आरोपियों के पास पूरे पैसे नहीं थे। उनके पास सिर्फ 20-20 रुपये के दो नोट थे। ऐसे में एक आरोपी ने बस में मौजूद एक युवक को Google Pay के जरिए 40 रुपये ट्रांसफर किए और उससे नकद पैसे लेकर टिकट लिया। यही ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए बड़ा सुराग बन गया, जिसके जरिए जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स तक पहुंचने में सफल रहीं।

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गिरफ्तारी के करीब पहुंची पुलिस

पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर से कई घंटे तक पूछताछ की और बस की पूरी तलाशी भी ली, हालांकि कोई संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि अमन शादीशुदा है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, एनडीपीएस और चोरी जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि गुरतेज अविवाहित है। पुलिस ने दोनों के घरों पर दबिश भी दी, लेकिन वे वहां नहीं मिले। अब पुलिस खरड़ और आसपास के टोल प्लाजा व अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है और इस हमले के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।

Location : 
  • Chandigarh

Published : 
  • 3 April 2026, 4:29 PM IST

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