सम्मान या सियासी संदेश? पद्म भूषण के ऐलान ने कुरेदे पुराने जख्म; पढ़िये क्या है पूरा मामला ?

पद्म पुरस्कार के ऐलान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं। आरोप-प्रत्यारोप, पुराने बयान और संवैधानिक भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 January 2026, 1:15 PM IST
google-preferred

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त घमासान मच गया जब केंद्र सरकार ने पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण देने का ऐलान किया। इस फैसले के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद और फायरब्रांड नेता संजय राउत ने इस सम्मान को लेकर केंद्र सरकार और महायुति नेताओं पर तीखा हमला बोला है।

संजय राउत का आरोप

संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे की चुनी हुई सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। राउत ने कहा कि राजभवन में बैठकर कोश्यारी ने संविधान की मर्यादा को ताक पर रखा और लोकतंत्र का कत्ल किया। उनके मुताबिक, यह पुरस्कार जनसेवा के लिए नहीं बल्कि एक सरकार गिराने के “इनाम” के तौर पर दिया गया है।

राजभवन से रची गई साजिश का दावा

राउत ने कहा कि एक राज्यपाल का काम निष्पक्ष रहना होता है, लेकिन कोश्यारी ने बीजेपी के एजेंट की तरह व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एमवीए सरकार को अस्थिर करने के लिए राजभवन से रणनीति बनाई गई और बहुमत वाली सरकार को गिराने के लिए हर संभव प्रयास किए गए।

Padma Awards 2026: देश की 6 हस्तिय़ों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री, देखिये सम्मान पाने वालों की पूरी सूची

महापुरुषों के अपमान का मुद्दा फिर उठा

इस विवाद में राउत ने कोश्यारी के पुराने बयानों को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर विवादित टिप्पणी की और महात्मा फुले व सावित्रीबाई फुले जैसे समाज सुधारकों का अपमान किया, उसे सम्मान देना महाराष्ट्र की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। राउत ने सवाल किया कि क्या ऐसे व्यक्ति को पद्म भूषण मिलना चाहिए?

राज्यसभा सांसद और फायरब्रांड नेता संजय राउत (Img- Internet)

महायुति नेताओं पर भी साधा निशाना

संजय राउत ने सीएम एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार को इस फैसले का विरोध करना चाहिए था, लेकिन सत्ता की मजबूरी में सभी चुप हैं। राउत ने मांग की कि राज्य सरकार को केंद्र के इस फैसले की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए।

फडणवीस की बधाई से और भड़का विवाद

जहां विपक्ष हमलावर है, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भगत सिंह कोश्यारी को बधाई देकर विवाद को और हवा दे दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कोश्यारी को सार्वजनिक जीवन का प्रेरणास्त्रोत बताया। फडणवीस ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में कोश्यारी का योगदान सराहनीय रहा है।

बीजेपी का बचाव, विपक्ष का आक्रोश

बीजेपी नेताओं का कहना है कि कोश्यारी को यह सम्मान उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक योगदान के लिए मिला है। वहीं, विपक्ष इसे महाराष्ट्र की जनता की भावनाओं के खिलाफ फैसला बता रहा है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

संजय राउत मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

आगे और तेज होगी सियासत

पद्म पुरस्कार को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुद्दा बड़ा सियासी हथियार बन सकता है, जिसका असर विधानसभा और लोकसभा की रणनीतियों पर भी दिखेगा।

Location : 
  • Mumbai

Published : 
  • 27 January 2026, 1:15 PM IST

Advertisement
Advertisement