महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में से 26 में अब तक बीजेपी आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी को स्पष्ट बढ़त मिली है, जिसे पार्टी के लिए जनता के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
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महाराष्ट्र की राजनीति के लिए मिनी विधानसभा कहे जाने वाले 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव की मतगणना आज हो रही है। यह चुनाव सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के लिए लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। खासतौर पर BMC समेत बड़े शहरों के नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने BMC चुनाव की मतगणना को लेकर कहा कि अभी प्रतिक्रिया देने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि मुंबई में वोटों की गिनती धीमी है और अंतिम नतीजे आधी रात तक आएंगे। राउत ने दावा किया कि जारी किए जा रहे आंकड़े सही नहीं हैं, क्योंकि करीब 100 वार्डों में अभी गिनती शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मुकाबला कांटे का है और शिवसेना (UBT) पीछे नहीं है। शिंदे गुट में गए 60 में से अधिकांश कॉर्पोरेटर हार चुके हैं, इसलिए परिणाम ड्रॉ हो सकता है।
BMC चुनाव को लेकर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुंबईकर वर्षों से बदलाव चाहते थे, लेकिन माफिया राजनीति ने उन्हें डराया। राज और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उद्धव ने अपने पिता से धोखा किया और अंत में मुस्लिम व बांग्लादेशी वोटों के सहारे राजनीति बचाने की कोशिश की।
वरिष्ठ पत्रकार संदीप सोनवलकर ने बताया कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद की कैटेगरी लॉटरी सिस्टम से तय की जाएगी। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा अपनाई जाएगी, जिसमें यह निर्धारित होगा कि मेयर पद महिला, ओबीसी, एससी अथवा ओपन श्रेणी के लिए आरक्षित रहेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर फडणवीस ने कहा कि यह जीत महाराष्ट्र की जनता की जीत है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार जनहित के कार्यों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाएगी।
मिलिंद देवड़ा ने कहा कि मुंबई राजनीति में अब सिर्फ दो भाई देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे सिर्फ ‘विकास’ हैं। विपक्ष के स्याही और ईवीएम आरोपों पर उन्होंने कहा यह अंदरूनी लोकतंत्र की कमी छिपाने का बहाना है।
BMC चुनाव में मुंबई के वार्ड नंबर 145 से AIMIM प्रत्याशी खैरुनिशा अकबर हुसैन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाएगा और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास रहेगा।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से बीजेपी ने शानदार सफलता हासिल की है। यह जीत विकास और प्रगति के बीजेपी विजन पर जनता के भरोसे का प्रमाण है।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बंपर जीत के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता ने विकास की राजनीति पर भरोसा जताया है। BMC में बीजेपी-शिवसेना के अच्छे प्रदर्शन को मुंबईवासियों का समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि लोग अब नकारात्मक और भावनात्मक राजनीति में नहीं उलझते, बल्कि विकास चाहते हैं। जनता ने महायुति को बहुमत देकर यही संदेश दिया है।
लातूर महानगरपालिका चुनाव के 51 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें कांग्रेस ने 39 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं बीजेपी को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा है। नतीजों से साफ है कि लातूर में कांग्रेस ने मजबूत जनादेश के साथ सत्ता कायम रखी है।
बीएमसी चुनाव में शिवसेना की उम्मीदवार रेखा यादव ने कांग्रेस की अपनी प्रतिद्वंद्वी शीतल म्हात्रे को 2,000 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की है। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन अंतिम राउंड में रेखा यादव ने बढ़त बनाते हुए स्पष्ट जीत हासिल की।
महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने निकाय चुनाव नतीजों पर मुंबई के लोगों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी गठबंधन पर जताया गया भरोसा मुंबई के विकास के लिए जनादेश है। मेट्रो नेटवर्क, कोस्टल रोड और ट्रांस हार्बर लिंक जैसे प्रोजेक्ट्स से लोगों का विश्वास जीता गया, जो नतीजों में साफ दिखता है।
बीएमसी चुनाव में महायुति की भव्य जीत के बाद मुंबई के डिब्बेवालों में खुशी की लहर है। नतीजों के बाद डिब्बेवालों ने गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। चुनाव के दौरान डिब्बेवालों ने खुलकर महायुति को समर्थन दिया था, जिसका असर नतीजों में भी देखने को मिला।
महाराष्ट्र के 29 शहरों के चुनावी रुझानों में बीजेपी कई बड़े नगर निगमों में बढ़त बनाए हुए है। मुंबई बीएमसी में बीजेपी मजबूत स्थिति में है। नवी मुंबई, ठाणे और नाशिक में बीजेपी और शिंदे शिवसेना की जोड़ी आगे चल रही है। पुणे, पिंपरी चिंचवड, पनवेल और कल्याण-डोंबिवली में बीजेपी को बड़ी बढ़त मिली है। नागपुर, अमरावती, अकोला, नांदेड-वाघाला और जालना में भी बीजेपी नंबर वन पार्टी बनी हुई है। वहीं वसई-विरार में वंचित विकास अघाड़ी, कोल्हापुर और लातूर में कांग्रेस ने बढ़त बना रखी है।
लातूर महानगरपालिका चुनाव के 51 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं बीजेपी को 12 सीटों से संतोष करना पड़ा है। नतीजों से साफ है कि लातूर में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता पर कब्जा किया है।
वार्ड 194 से जीत हासिल करने के बाद निशिकांत शिंदे ने कहा, "यह मेरी जीत नहीं, बल्कि शिवसेना (यूबीटी), एमएनएस और इस क्षेत्र की जनता की जीत है।" उन्होंने समर्थकों और क्षेत्रवासियों को धन्यवाद दिया और साझा प्रयासों की अहमियत को रेखांकित किया।
पुणे के पूर्व मेयर और वार्ड नंबर 18 से कांग्रेस उम्मीदवार साहिल केदारी ने PMC चुनाव में जीत हासिल की। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थक उनके साथ जश्न मनाते दिखे। शहर में उत्साह का माहौल है, और कांग्रेस के इस जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
दोपहर 1 बजे तक मिले ताजा रुझानों के अनुसार महाराष्ट्र की 7 नगर निगमों में महायुति को बहुमत मिल चुका है। वहीं बीजेपी ने अपने दम पर 5 नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं।
मुंबई के BMC चुनाव 2026 के रुझानों और 155 घोषित वार्डों के नतीजों में बीजेपी साफ तौर पर नंबर-1 बनकर उभरी है। बीजेपी ने 68 सीटें जीतकर मजबूत बढ़त बनाई है, जबकि शिवसेना (उद्धव गुट) 54 सीटों पर सिमट गया है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 20 सीटें हासिल कर ठाकरे गुट की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कांग्रेस और मनसे को 5-5 सीटें मिली हैं, जबकि अन्य उम्मीदवार 3 वार्डों में जीते हैं। बदले राजनीतिक समीकरण से साफ है कि शहरी मुंबई में उद्धव गुट की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं दिख रही।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 में अब तक कई वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी ने वार्ड 2, 19, 20, 36, 50, 87, 103, 107, 135, 157, 207, 214 और 215 सहित कई सीटों पर जीत दर्ज की है। शिवसेना (उद्धव गुट) को वार्ड 32, 60, 123, 124, 163 और 182 में सफलता मिली है। शिंदे गुट ने वार्ड 51, 156 और 204 जीते। कांग्रेस को वार्ड 165 और 183 में जीत मिली, जबकि वार्ड 193 और 201 में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं।
कोल्हापुर में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के बाद जश्न शुरू हो गया है। कसबा बावडा इलाके में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गुलाल उड़ाकर और नारेबाजी करते हुए खुशी जाहिर की। जीत के बाद पूरे क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और उल्लास का माहौल देखा जा रहा है।
भिवंडी में शरद पवार गुट को शुरुआती सफलता मिली है। अब तक गुट के 4 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर ली है, जिससे चुनावी मैदान में उनकी मौजूदगी दर्ज हो गई है।
महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में से 26 में अब तक बीजेपी आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी को स्पष्ट बढ़त मिली है, जिसे पार्टी के लिए जनता के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
पुणे में कांग्रेस उम्मीदवार प्रशांत जगताप ने चुनाव जीत लिया है। अजित पवार के साथ चुनाव लड़ने के फैसले से नाराज़ होकर उन्होंने शरद पवार से दूरी बनाई और कांग्रेस का दामन थामा था। इससे पहले वह शरद पवार गुट में पुणे शहर के पदाधिकारी रहे हैं।
वसई-विरार में वंचित विकास अघाड़ी की लहर देखने को मिल रही है। कोल्हापुर में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है और बीजेपी दूसरे नंबर पर है। सोलापुर में कांग्रेस सबसे आगे चल रही है। वहीं लातूर में कांग्रेस ने सभी दलों को पीछे छोड़ दिया है।
महाराष्ट्र बीएमसी चुनाव 2026 की काउंटिंग जारी है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति 68 सीटों पर आगे है। शिवसेना (UBT)–MNS गठबंधन 51 सीटों पर सिमटा है, जबकि कांग्रेस 11 सीटों तक सीमित नजर आ रही है। मुंबई के 227 वार्डों में करीब 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं।
अमरावती में डाक मतपत्रों के पहले चरण की गिनती में बीजेपी 7 सीटों के साथ आगे चल रही है। अजित पवार की एनसीपी को 5 और कांग्रेस को 3 सीटें मिली हैं। युवा स्वाभिमान ने 2 सीटें जीतीं, जबकि अन्य दलों का खाता अभी नहीं खुला है।
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जाने वाले 29 महानगरपालिकाओं के चुनावी दंगल का आज निर्णायक दिन है। गुरुवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न होने के बाद शुक्रवार को मतगणना की प्रक्रिया जारी है। इन चुनावों को “मिनी विधानसभा चुनाव” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके नतीजे राज्य की सियासत की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
यह चुनाव न केवल स्थानीय निकायों के भविष्य का फैसला करेगा, बल्कि सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के लिए अपनी जमीनी ताकत साबित करने की अग्निपरीक्षा भी है। दोनों ही गठबंधन इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा राजनीति के संकेतक के रूप में देख रहे हैं।
सबसे ज्यादा नजर देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नतीजों पर है। बीएमसी पर पिछले दो दशकों से अधिक समय तक शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन पार्टी में विभाजन के बाद यह पहला मौका है जब मतदाताओं ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच अपना फैसला सुनाया है। बीएमसी के परिणाम यह साफ करेंगे कि मुंबई का शहरी मतदाता किस खेमे पर भरोसा जता रहा है।
इसके अलावा पुणे, नागपुर, नासिक, ठाणे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जैसी प्रमुख महानगरपालिकाओं के नतीजे भी बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन शहरों के परिणाम यह संकेत देंगे कि शहरी मतदाता विकास, बुनियादी सुविधाओं और शासन के मुद्दों पर किस राजनीतिक दल के साथ खड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना सकते हैं। मतगणना के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दलों की नजर अंतिम परिणामों पर टिकी हुई है।