हिंदी
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Img: Google)
Lucknow: समाजवादी परिवार की बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव और मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के रिश्ते को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। प्रतीक यादव ने सोमवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट साझा कर अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया। इस पोस्ट के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सनसनी फैल गई।
प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि उनकी पत्नी ने परिवार को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने अपर्णा को “स्वार्थी” बताते हुए कहा कि उनकी वजह से उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। प्रतीक का कहना है कि अपर्णा परिवार के प्रति संवेदनहीन रहीं और सिर्फ अपनी प्रसिद्धि व राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने में लगी रहीं।
प्रतीक यादव के मुताबिक शादी के कुछ समय बाद से ही रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि अपर्णा की वजह से उनके पारिवारिक संबंध खराब हुए और सामाजिक जीवन भी प्रभावित हुआ। प्रतीक का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अपर्णा यादव इस समय उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और सार्वजनिक जीवन में काफी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्ते को किसकी लगी नजर? दोनों जल्द होंगे अलग, जानिये इनसाइड स्टोरी
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी वर्ष 2011 में सैफई में बड़े धूमधाम से हुई थी। यह शादी उस समय की सबसे हाई-प्रोफाइल शादियों में से एक मानी गई थी। समारोह में हजारों मेहमानों के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी शामिल हुए थे।
दोनों की प्रेम कहानी वर्ष 2001 में शुरू हुई थी, जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान ई-मेल के जरिए बातचीत शुरू हुई। करीब एक दशक तक चले रिश्ते के बाद दोनों ने शादी की। इस दंपती की दो बेटियां हैं। खास बात यह है कि 4 दिसंबर 2025 को अपर्णा के जन्मदिन पर प्रतीक उनके साथ नजर आए थे, जिससे किसी बड़े विवाद की आहट नहीं मिल रही थी।
अपर्णा यादव का जन्म 1 जनवरी 1990 को हुआ। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक मीडिया कंपनी से जुड़े रहे और समाजवादी पार्टी की सरकार में सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं। उनकी मां अंबी बिष्ट एक अधिकारी हैं। अपर्णा की स्कूली शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से हुई।
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा था। वह लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से भाजपा टिकट की दावेदार थीं, हालांकि उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारियां सौंपीं।
अपर्णा यादव का नाम बीते एक दशक में कई विवादों से जुड़ा रहा है-
2016-17 में समाजवादी पार्टी में रहते हुए आरक्षण को लेकर दिए गए उनके बयान ने विवाद खड़ा किया।
2017 में अखिलेश बनाम मुलायम की सियासी लड़ाई के दौरान पीएम मोदी के साथ उनकी तस्वीर ने सपा में असंतोष बढ़ाया।
2022 में भाजपा में शामिल होना यादव परिवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया।
2024-25 में उनके परिवार के सदस्यों पर दर्ज एफआईआर ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
जनवरी 2026 में KGMU प्रकरण के दौरान अपर्णा की आक्रामक भूमिका और हंगामे के आरोपों ने उन्हें फिर विवादों में ला खड़ा किया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि अपर्णा और प्रतीक के रिश्ते में आई इस दरार के पीछे असली वजह क्या है, निजी मतभेद, राजनीतिक महत्वाकांक्षा या लगातार विवादों का दबाव? प्रतीक के आरोप जहां एकतरफा बयान माने जा रहे हैं, वहीं अपर्णा की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Location : Lucknow
Published : 19 January 2026, 1:11 PM IST
Topics : Aparna Yadav BJP Leader News Mulayam Singh Family Political Controversy Prateek Yadav Divorce